सहारनपुर: टायर फैक्ट्री में भीषण धमाका, दो मजदूरों की मौत और कई झुलसे
सहारनपुर: टायर फैक्ट्री में भीषण धमाका, दो मजदूरों की मौत और कई झुलसे
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के शेखपुरा औद्योगिक क्षेत्र में रविवार देर शाम एक टायर फैक्ट्री में बॉयलर विस्फोट से भयानक हादसा हो गया। धमाके के साथ ही फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिसमें दो मजदूरों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई। पांच अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया, और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।
पुलिस के अनुसार, हादसा शाम करीब 7:30 बजे हुआ, जब फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम चल रहा था। बॉयलर में अचानक प्रेशर बढ़ने से विस्फोट हो गया, जिसकी आवाज आसपास के कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। मृतक मजदूरों की पहचान 32 वर्षीय राजेश कुमार (बिजनौर निवासी) और 28 वर्षीय संजय सिंह (सहारनपुर निवासी) के रूप में हुई है। दोनों फैक्ट्री में अनुभवी वेल्डर थे। घायलों में फैक्ट्री मालिक हरि प्रकाश, सुपरवाइजर अजय वर्मा और तीन अन्य मजदूर शामिल हैं। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की हालत गंभीर है, और दो को सांस लेने में तकलीफ के कारण वेंटिलेटर पर रखा गया है।
फैक्ट्री का उद्घाटन महज सात दिन पहले ही 19 अक्टूबर को हुआ था। यह एक नई यूनिट थी, जो टायर निर्माण और रिसाइक्लिंग पर फोकस कर रही थी। एसएसपी आशीष तिवारी ने बताया, “प्रारंभिक जांच में बॉयलर में तकनीकी खराबी और सुरक्षा मानकों का पालन न करने का संदेह है। फॉरेंसिक टीम और मजिस्ट्रेट जांच कर रही है। फैक्ट्री मालिक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया जाएगा।” दमकलकर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई, लेकिन फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। अनुमान है कि लाखों का नुकसान हुआ है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। मजदूर यूनियनों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया और सख्त सुरक्षा नियमों की मांग की। एक मजदूर ने कहा, “ऐसी नई फैक्ट्रियों में ट्रेनिंग और उपकरणों की कमी आम है। सरकार को तुरंत जांच करवानी चाहिए।” जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों को न्याय का भरोसा दिलाया।
यह हादसा उत्तर प्रदेश में औद्योगिक सुरक्षा पर सवाल खड़े करता है। हाल ही में मेरठ और अन्य जिलों में भी इसी तरह के विस्फोट हुए हैं, जहां लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया गया। सहारनपुर जैसे औद्योगिक हब में सैकड़ों छोटी-बड़ी यूनिटें हैं, जहां सुरक्षा ऑडिट की कमी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बॉयलर एक्ट 1923 के तहत सख्ती बरतनी चाहिए। जांच रिपोर्ट आने पर और खुलासे हो सकते हैं। क्या यह घटना औद्योगिक सुरक्षा में सुधार का संकेत बनेगी? समय बताएगा।
