मन की बात: ‘स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी में उछाल, त्योहारों की रौनक पहले से ज्यादा’, PM मोदी ने छठ पर्व, पर्यावरण और सेना की सराहना की
मन की बात: ‘स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी में उछाल, त्योहारों की रौनक पहले से ज्यादा’, PM मोदी ने छठ पर्व, पर्यावरण और सेना की सराहना की
आकाशवाणी के माध्यम से प्रसारित ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 127वें संस्करण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को छठ महापर्व की बधाई दी और त्योहारी सीजन में स्वदेशी वस्तुओं की बढ़ती खरीदारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि इस बार बाजारों में पहले से ज्यादा रौनक दिखी, और जीएसटी बचत उत्सव के कारण लोगों ने जमकर स्वदेशी सामान खरीदा। PM ने पर्यावरण संरक्षण, सेना की बहादुरी और स्थानीय सफलताओं पर भी चर्चा की। कार्यक्रम 11 बजे शुरू हुआ, जो हर महीने की अंतिम रविवार को प्रसारित होता है।
PM मोदी के प्रमुख बिंदु: त्योहार, स्वदेशी और पर्यावरण पर जोर
PM मोदी ने अपने संबोधन में कई मुद्दों को छुआ, जो देश की एकता, संस्कृति और विकास को दर्शाते हैं। यहां उनके मुख्य बयानों का सार:
1. त्योहारों की रौनक और स्वदेशी खरीदारी: PM ने कहा, “इस बार त्योहारों में स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी में जबरदस्त उछाल आया है। बाजारों में रौनक पहले से ज्यादा है। जीएसटी बचत उत्सव ने लोगों को स्वदेशी उत्पादों की ओर आकर्षित किया। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि त्योहारों में लोकल क्राफ्ट्स और हस्तशिल्प को प्राथमिकता दें।
2. छठ महापर्व की बधाई: छठ पर्व पर PM ने कहा, “छठ हमारी संस्कृति, प्रकृति और समाज की गहरी एकता को दर्शाता है। यह पर्व हर वर्ग को जोड़ता है और सामाजिक सद्भाव का सुंदर उदाहरण है।” उन्होंने बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखंड के लोगों को शुभकामनाएं दीं, और कहा कि यह व्रत सूर्य देव की ऊर्जा से जीवन को सकारात्मक बनाता है। PM ने छठ को ‘सूर्य उपासना का प्रतीक’ बताया।
3. ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान: पर्यावरण संरक्षण पर फोकस करते हुए PM ने कहा, “एक पेड़ मां के नाम अभियान में करोड़ों पेड़ लगाए जा रहे हैं। पेड़-पौधे हर जगह उपयोगी होते हैं। हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि वृक्षों की पूजा ही प्रकृति की पूजा है।” उन्होंने लोगों से अपील की कि जहां रहें, वहां पेड़ लगाएं। धोलेरा (गुजरात) में मैंग्रोव संरक्षण मुहिम का जिक्र किया।
4. सेना की सराहना: ऑपरेशन सिंदूर: PM ने सेना की बहादुरी पर गर्व जताया और कहा, “ऑपरेशन सिंदूर में सशस्त्र बलों की सफलता ने देश को गौरवान्वित किया। नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में सेना का योगदान सराहनीय है।” उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना पर जोर दिया।
5. स्थानीय सफलताएं: कोरापुट कॉफी और गारबेज कैफे: ओडिशा के कोरापुट की कॉफी और छत्तीसगढ़ के अम्बिकापुर के गारबेज कैफे (कचरा प्रबंधन मॉडल) का जिक्र करते हुए PM ने कहा, “ये स्थानीय प्रयास देश के विकास का आधार हैं। वंदे मातरम गीत की तरह हमारी एकता ही ताकत है।” उन्होंने युवाओं से इन मॉडलों से प्रेरणा लेने को कहा।
PM मोदी ने कार्यक्रम के अंत में कहा, “मन की बात आपकी ही आवाज है। आपकी कहानियां, संघर्ष और सफलताएं ही इसका आधार हैं।” यह एपिसोड MyGov पोर्टल पर लोगों के सुझावों पर आधारित था। अगला एपिसोड नवंबर में होगा।
‘मन की बात’ अब तक 127 एपिसोड पूरे कर चुका है, जो देश की एकता और विकास को मजबूत करने का माध्यम बन चुका है। क्या आपने सुना? कमेंट्स में शेयर करें!
