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ग्रीन पटाखे कैसे पहचानें? गलती होने पर सजा क्या होगी?

ग्रीन पटाखे कैसे पहचानें? गलती होने पर सजा क्या होगी?

नई दिल्ली: दीवाली 2025 के अवसर पर सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखों की बिक्री और उपयोग की अनुमति दी है, लेकिन पारंपरिक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। ग्रीन पटाखे पर्यावरण के अनुकूल हैं, जो पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30-40% कम प्रदूषण फैलाते हैं। ये CSIR-NEERI (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च-नेशनल एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) द्वारा विकसित किए गए हैं। लेकिन फर्जी पटाखों का खतरा है, इसलिए पहचान जरूरी है। आइए जानते हैं कैसे पहचानें और गलती होने पर क्या सजा हो सकती है।

ग्रीन पटाखे कैसे पहचानें?

ग्रीन पटाखे की पहचान आसान है, लेकिन पैकेट पर दिए संकेतों को ध्यान से जांचें। मुख्य विशेषताएं:

– हरा लोगो और QR कोड: पैकेट पर हरा ‘CSIR-NEERI’ लोगो और QR कोड होना अनिवार्य है। QR कोड स्कैन करने पर ऐप (CSIR-NEERI Green QR Code App, Google Play Store से डाउनलोड करें) से सत्यापन हो जाता है। अगर QR फर्जी या स्कैन न हो, तो न खरीदें।

– छोटा आकार और कम सामग्री: शेल का आकार छोटा (कम से कम 30% कम), बिना राख (ash-free), कम कच्चा माल और धूल दबाने वाले एडिटिव्स। बैरियम नाइट्रेट जैसी हानिकारक रसायन नहीं होते।

– तीन प्रकार:

– SWAS (Safe Water Releaser): पानी की भाप छोड़ता है, धूल कम करता है।

– STAR (Safe Thermite Cracker): पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर-मुक्त, कम ध्वनि (110-125 डेसिबल)।

– SAFAL (Safe Minimal Aluminium): कम एल्यूमिनियम, ज्यादा मैग्नीशियम, कम शोर।

– कहां से खरीदें?: केवल अधिकृत विक्रेताओं से, जो लाइसेंस्ड हों। ऑनलाइन बिक्री प्रतिबंधित है।

ये पटाखे 15-20% सस्ते भी हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि खरीदने से पहले KSPCB या CPCB की वेबसाइट पर लिस्ट चेक करें।

गलती होने पर क्या सजा?

अगर ग्रीन पटाखे की पहचान में गलती हो और आप पारंपरिक पटाखे खरीद/बेच/फोड़ते पकड़े जाते हैं, तो सख्त सजा हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट और NGT के आदेशों के तहत:

– जुर्माना: 5,000 रुपये तक (दिल्ली में DPCC के अनुसार)। कुछ राज्यों में 1 लाख तक।

– जेल: 3 साल तक (Explosives Act की धारा 9B के तहत, उत्पादन/भंडारण/बिक्री पर)।

– अन्य: IPC की धारा 188 (सार्वजनिक सुरक्षा उल्लंघन) के तहत 6 महीने जेल और 1,000 रुपये जुर्माना। दोहराने पर वाहन जब्ती या व्यापार लाइसेंस रद्द।

– राज्यों में भिन्नता: दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, तमिलनाडु, बिहार (पटना आदि में पूर्ण प्रतिबंध) में सख्ती। बिक्री पर 50,000-2 लाख जुर्माना। NGT ने कहा कि ‘उत्सव के नाम पर प्रतिबंध तोड़ना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) का उल्लंघन है।’

विशेषज्ञों का कहना है कि पहचान न सही तो प्रदूषण बढ़ेगा, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

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