भ्रामक वीडियो शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई, त्योहारी सीजन में अफवाहों पर रेलवे का कड़ा रुख
भ्रामक वीडियो शेयर करने वालों पर सख्त कार्रवाई, त्योहारी सीजन में अफवाहों पर रेलवे का कड़ा रुख
त्योहारों के इस व्यस्त सीजन में रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए सतर्क हो गया है। भारतीय रेलवे ने सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो और अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने का ऐलान किया है। रेलवे प्रशासन ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि फर्जी वीडियो शेयर करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। अब तक 20 से अधिक मामलों में कार्रवाई हो चुकी है, जो यात्रियों में घबराहट फैलाने और रेल सेवाओं को बाधित करने की कोशिशों को रोकने का प्रयास है।
रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, दिवाली और छठ पूजा की भीड़ के बीच सोशल मीडिया पर पुराने वीडियो या फर्जी क्लिप्स वायरल हो रही हैं, जिनमें स्टेशन पर भगदड़, ट्रेनों में ओवरलोडिंग या दुर्घटना जैसे दृश्य दिखाए जा रहे हैं। ये वीडियो यात्रियों को भ्रमित कर रहे हैं और अनावश्यक अफरा-तफरी पैदा कर रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “त्योहारी सीजन में 1,126 स्पेशल ट्रेनें चला रही हैं, लेकिन अफवाहें सेवाओं को प्रभावित कर सकती हैं। हम साइबर सेल के साथ मिलकर ऐसे अकाउंट्स को ट्रैक कर रहे हैं।”
पिछले हफ्ते ही नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्टाम्पेड के फर्जी वीडियो वायरल होने पर रेलवे ने एक्स (पूर्व ट्विटर) को 36 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। इसी तरह, सेंट्रल रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि फेक वीडियो शेयर न करें, क्योंकि यह सार्वजनिक अशांति का कारण बन सकता है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में लुगेज नियमों पर अफवाहों को ‘फेक न्यूज’ करार दिया था।
रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि आधिकारिक ऐप्स और वेबसाइट से ही जानकारी लें। स्पेशल ट्रेनों की बुकिंग में 20% डिस्काउंट वाली राउंड ट्रिप स्कीम भी चल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम डिजिटल अफवाहों के खिलाफ जरूरी है, खासकर जब स्टेशनों पर भीड़ बढ़ रही है। रेलवे ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने को कहा है। सुरक्षित यात्रा के लिए जागरूक रहें!
