पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव चरम पर: कंधार में स्ट्राइक में 19 तालिबान लड़ाके मारे गए, तालिबान ने बॉर्डर पर जवाबी हमला किया
पाकिस्तान-अफगानिस्तान तनाव चरम पर: कंधार में स्ट्राइक में 19 तालिबान लड़ाके मारे गए, तालिबान ने बॉर्डर पर जवाबी हमला किया
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा। बुधवार को पाकिस्तानी वायुसेना ने अफगानिस्तान के कंधार प्रांत में ड्रोन स्ट्राइक की, जिसमें कम से कम 19 तालिबान लड़ाकों की मौत हो गई। यह हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाने का था, लेकिन तालिबान ने इसे “संप्रभुता का उल्लंघन” बताते हुए बॉर्डर पर जवाबी कार्रवाई की। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, स्ट्राइक के बाद इलाके में काला धुआं छा गया, कई घरों की खिड़कियां टूट गईं, और दर्जनों घायल अस्पताल पहुंचे। दोनों देशों के बीच यह सबसे घातक झड़पों का दौर है, जो युद्ध की कगार पर खड़ा कर रहा है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने ISPR के बयान में कहा, “अफगान तालिबान ने बुधवार तड़के स्पिन बोल्डक क्षेत्र में चार जगहों पर कायराना हमले किए। हमारी सेना ने इसे प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया। हमले को विफल करने के दौरान 15-20 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए, जबकि कई घायल हुए।” स्ट्राइक कंधार और हेलमंड प्रांतों में हुई, जहां TTP के लीडर नूर वाली मेहसूद जैसे आतंकियों के छिपने के ठिकाने बताए जा रहे हैं। स्थानीय स्रोतों के अनुसार, स्ट्राइक में नागरिकों को भी नुकसान पहुंचा, लेकिन पाकिस्तान ने इसे “सटीक ऑपरेशन” बताया। अफगान सीमा पुलिस ने कहा, “हमले से इलाके में धुंधला धुआं छा गया। कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं, और हमारी सेना अलर्ट पर है।”
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अफगान तालिबान, फितना-अल-ख्वारिज और फितना-अल-हिंदुस्तान (बलूचिस्तान में आतंकी संगठनों के लिए पाकिस्तान का शब्द) द्वारा “उकसावे” पर चिंता जताई है। बयान में शरीफ ने कुर्रम सेक्टर में तालिबान हमले को विफल करने वाली सेना की सराहना की और कहा, “पाकिस्तानी सेना ने बिना उकसावे के आक्रमण का कड़ा जवाब दिया। राष्ट्रीय अखंडता की हर कीमत पर रक्षा की जाएगी। पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं के लिए अफगान धरती का इस्तेमाल निंदनीय है।” PMO ने सीमा पर तैनाती बढ़ाने का ऐलान किया।
यह स्ट्राइक पिछले हफ्ते के हमलों की कड़ी है। 9 अक्टूबर को पाकिस्तान ने काबुल, खोस्त, जलालाबाद और पक्तिका में स्ट्राइक की थी, जिसमें TTP के कई सदस्य मारे गए। इसके जवाब में तालिबान ने 11-12 अक्टूबर को खैबर पख्तूनख्वा बॉर्डर पर पाकिस्तानी पोस्ट्स पर हमला किया। तालिबान ने दावा किया कि उन्होंने 58 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया और 25 पोस्ट्स पर कब्जा किया, जबकि पाकिस्तान ने 200 से ज्यादा तालिबान लड़ाकों को खत्म करने का दावा किया। तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने रविवार को चेतावनी दी, “पाकिस्तान ने अपनी सरजमीं पर ISIS की मौजूदगी पर आंखें बंद कर ली हैं। अफगानिस्तान को हवाई और जमीनी सीमाओं की रक्षा का पूरा अधिकार है। हर हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।” मुजाहिद ने मांग की कि पाकिस्तान ISIS के मुख्य सदस्यों को या तो बाहर निकाले या अफगानिस्तान को सौंपे।
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्री मौलवी मोहम्मद याकूब मुजाहिद ने कहा, “हमारी सेना बॉर्डर की पूरी तैयारी में है। पाकिस्तान का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं।” बॉर्डर क्रॉसिंग्स—तुर्कहम, चमन, खरलाची, अंगूर अड्डा—दूसरे दिन भी बंद हैं। संयुक्त राष्ट्र ने संयम बरतने की अपील की, जबकि सऊदी अरब ने मध्यस्थता की पेशकश की। इंटरनेशनल क्राइसिस ग्रुप के अनुसार, TTP ने 2021 से पाकिस्तान में सैकड़ों हमले किए, जो अफगान तालिबान से प्रेरित हैं।
यह संघर्ष दुर्राह लाइन पर युद्ध को आमंत्रित कर सकता है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान TTP को शरण दे रहा, जबकि तालिबान इसे खारिज करता है। भारत ने तनाव कम करने की अपील की। फिलहाल, बॉर्डर पर गोलीबारी रुकी है, लेकिन जमावड़े बढ़ रहे। क्या यह नया युद्ध छेड़ेगा? दुनिया की नजरें लगी हैं।
