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नकली Closeup, Eno का जहर: दिल्ली की फैक्ट्रियों पर छापा, ‘जहर गैंग’ का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

नकली Closeup, Eno का जहर: दिल्ली की फैक्ट्रियों पर छापा, ‘जहर गैंग’ का पर्दाफाश, 6 गिरफ्तार

दिल्ली के वजीराबाद में नकली टूथपेस्ट और ईनो जैसे रोजमर्रा के उत्पाद बनाने वाली दो फैक्ट्रियों पर पुलिस और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने छापा मारकर ‘जहर गैंग’ का भंडाफोड़ किया। इस ऑपरेशन में नकली Closeup टूथपेस्ट, Sensodyne, Eno, और डिटर्जेंट पाउडर की भारी मात्रा जब्त की गई, जो दिल्ली सहित कई राज्यों में सप्लाई हो रहे थे। छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन उत्पादों को “जहर” करार देते हुए चेतावनी जारी की है। यह मामला WHO के हालिया कफ सिरप अलर्ट के बाद भारत की फार्मा और FMCG इंडस्ट्री पर बढ़ते दबाव को उजागर करता है।

छापे का खुलासा

वजीराबाद इंडस्ट्रियल एरिया में 13 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) की संयुक्त टीम ने दो गोदामों पर छापेमारी की। पहली फैक्ट्री में नकली Closeup और Sensodyne टूथपेस्ट बनाए जा रहे थे, जिनमें कैल्शियम कार्बोनेट और सस्ते केमिकल्स का इस्तेमाल हो रहा था। दूसरी फैक्ट्री में नकली Eno (सोडियम बाइकार्बोनेट की जगह सस्ता सॉल्वेंट) और डिटर्जेंट पाउडर पैक हो रहा था। जब्त सामान में 5,000 ट्यूब टूथपेस्ट, 3,000 Eno पैकेट और 1 टन नकली डिटर्जेंट शामिल हैं। पैकेजिंग हूबहू असली ब्रांड्स जैसी थी, जिससे ग्राहकों को धोखा देना आसान था।

मुख्य आरोपी राकेश गुप्ता (42) और उसका भाई संजय गुप्ता (38) सहित छह लोग गिरफ्तार किए गए। राकेश ने पूछताछ में खुलासा किया कि यह गैंग पिछले तीन साल से दिल्ली, यूपी, हरियाणा और राजस्थान में नकली माल सप्लाई कर रहा था। एक ट्यूब Closeup की कीमत 20 रुपये में बेची जाती थी, जबकि असली की कीमत 150 रुपये है। पुलिस ने बताया कि गैंग ने अनुमानित 50 करोड़ रुपये की कमाई की।

स्वास्थ्य पर खतरा

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इन नकली उत्पादों को “जहर” करार दिया। FSSAI की जांच में पाया गया कि टूथपेस्ट में सिलिका और अनजान केमिकल्स थे, जो दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। नकली Eno में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) के अंश पाए गए, जो किडनी और लिवर फेलियर का कारण बन सकता है। यह वही केमिकल है, जिसके कारण हाल ही में मध्य प्रदेश में 21 बच्चों की मौत हुई थी। डॉ. अनिल शर्मा ने कहा, “ये नकली उत्पाद धीमा जहर हैं। लंबे समय तक इस्तेमाल से कैंसर तक हो सकता है।”

कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई

पुलिस ने IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 468 (जालसाजी), और FSSAI एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। छापेमारी में जब्त सामान को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा ने कहा, “हम इस गैंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करेंगे।” FSSAI ने देशभर के रिटेलर्स को स्टॉक चेक करने और नकली माल की जानकारी हेल्पलाइन 1800-11-2100 पर देने को कहा। यूनिलीवर (Closeup) और GSK (Sensodyne) ने बयान जारी कर कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे और ग्राहकों से QR कोड चेक करने की अपील की।

WHO की चेतावनी और संदर्भ

यह छापेमारी WHO के हालिया अलर्ट के बाद हुई, जिसमें भारत में बने कफ सिरपों में DEG पाए जाने की बात थी। गाम्बिया (2022) और उज्बेकिस्तान (2023) में भारतीय सिरपों से बच्चों की मौत के बाद यह तीसरा बड़ा मामला है। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “फार्मा और FMCG में नकली माल का बाजार बढ़ रहा है। सरकार की नाकामी साफ है।” बीजेपी ने जवाब में कहा कि छापेमारी उनकी सख्त नीति का नतीजा है।

जनता से अपील

पुलिस और FSSAI ने लोगों से अपील की है कि टूथपेस्ट, Eno जैसे प्रोडक्ट्स खरीदते समय QR कोड, होलोग्राम और बैच नंबर चेक करें। दिल्ली के बाजारों में अब सघन जांच शुरू हो गई है। यह कांड भारत के FMCG सेक्टर में रेगुलेशन की कमी को उजागर करता है। क्या यह जहर गैंग का अंत है, या अभी और खुलासे बाकी? जांच जारी है।

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