IPS पूरन कुमार सुसाइड केस: पत्नी अमनीत को मिली 24×7 सिक्योरिटी, जांच के लिए SIT गठित; जातिगत उत्पीड़न के आरोपों पर CBI कोर्ट?
IPS पूरन कुमार सुसाइड केस: पत्नी अमनीत को मिली 24×7 सिक्योरिटी, जांच के लिए SIT गठित; जातिगत उत्पीड़न के आरोपों पर CBI कोर्ट?
हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। उनकी पत्नी, IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार को 24×7 सिक्योरिटी कवर प्रदान करने का फैसला लिया गया है, जबकि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित कर दी गई है। अमनीत ने गुरुवार को हरियाणा CM नायब सिंह सैनी से मुलाकात की, जहां उन्होंने FIR, आरोपी अधिकारियों की गिरफ्तारी और परिवार की सुरक्षा की मांग की। चंडीगढ़ पुलिस ने पहले ही DGP शत्रुजीत सिंह कपूर समेत 13 अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है, लेकिन SIT की कमान चंडीगढ़ IG पुष्पेंद्र कुमार को सौंपी गई है।
पूरन कुमार (52 वर्ष), 2001 बैच के IPS अधिकारी, ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित आवास में सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली थी। घटनास्थल से मिले 8-9 पेज के “फाइनल नोट” में उन्होंने जातिगत भेदभाव, मानसिक उत्पीड़न और साजिश के आरोप लगाए थे। उनकी बेटी ने ही शव की खोज की थी। अमनीत, जो जापान में आधिकारिक यात्रा पर थीं, ने शिकायत में कहा कि पति को SC अधिकारी होने के कारण प्रमोशन में देरी, झूठे केस और पोस्टिंग में पक्षपात का शिकार बनाया गया।
सिक्योरिटी और SIT का गठन
– 24×7 सिक्योरिटी: अमनीत की मांग पर हरियाणा सरकार ने तत्काल प्रभाव से परिवार को CRPF या स्थानीय पुलिस की 24×7 सुरक्षा दी है। इसमें दो बेटियों की सुरक्षा भी शामिल है, क्योंकि अमनीत ने धमकियों का जिक्र किया। CM सैनी ने मुलाकात के दौरान आश्वासन दिया कि परिवार का पूरा सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
– SIT का गठन: चंडीगढ़ पुलिस ने FIR (BNS धारा 108, SC/ST एक्ट) के बाद SIT बनाई, जो सुसाइड नोट की प्रामाणिकता, आरोपी अधिकारियों की भूमिका और साजिश की जांच करेगी। IG पुष्पेंद्र कुमार के नेतृत्व वाली टीम CFSL रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। अमनीत ने CBI जांच की भी मांग की है।
– FIR की स्थिति: चंडीगढ़ के सेक्टर-11 थाने में DGP कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजरनिया समेत 15 (सर्विंग और रिटायर्ड) IPS/IAS अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज। रोहतक में 6 अक्टूबर को दर्ज FIR (0319/2025) को साजिश का हिस्सा बताया गया।
अमनीत की CM से मुलाकात
अमनीत ने CM हाउस में दो पेज का पत्र सौंपा, जिसमें कहा गया, “मेरा पति ईमानदारी का प्रतीक था। DGP कपूर के इशारे पर झूठी FIR से उन्हें तोड़ा गया।” उन्होंने आरोपी अधिकारियों का निलंबन, गिरफ्तारी और परिवार को स्थायी सुरक्षा की मांग की। CM सैनी ने 45 मिनट की बैठक में न्याय का भरोसा दिलाया। अमनीत ने कहा, “मैं न्याय के लिए लड़ूंगी, चाहे कुछ भी हो जाए।”
सुसाइड नोट की मुख्य बातें
– जातिगत भेदभाव: 2020 से प्रमोशन में देरी, ACR में अनियमितताएं, “दंडात्मक पोस्टिंग”।
– उत्पीड़न: मंदिर दर्शन पर सवाल, पिता के अंतिम दर्शन से वंचित रखना, वाहन/आवास छीनना।
– हालिया साजिश: रोहतक FIR में फंसाने की कोशिश, जिससे पूरन टूट गए।
– वसीयत: संपत्ति पत्नी को, आरोपी पर कार्रवाई की मांग।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस सांसद रनदीप सुरजेवाला ने इसे “जबरन सुसाइड” बताया और गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की। NCSC ने 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी। पूर्व DGP और अन्य आरोपी ने जांच पर भरोसा जताया। विशेषज्ञों का कहना है कि SIT रिपोर्ट के बाद CBI कोर्ट हो सकता है। पोस्टमॉर्टम में देरी की गई ताकि जांच प्रभावित न हो।
यह मामला हरियाणा पुलिस में जातिगत भेदभाव पर सवाल खड़े कर रहा है। अमनीत ने कहा, “पूरन SC समुदाय के लिए प्रेरणा थे। उनका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा।” स्थिति पर नजर बनी हुई है।
