‘सिरप में DEG जांच अनिवार्य नहीं’: MP ड्रग कंट्रोलर का चौंकाने वाला खुलासा, बच्चों की मौत के बाद बड़ा सवाल
‘सिरप में DEG जांच अनिवार्य नहीं’: MP ड्रग कंट्रोलर का चौंकाने वाला खुलासा, बच्चों की मौत के बाद बड़ा सवाल
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 22 बच्चों की मौत के मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मचा दिया है। इस बीच, राज्य के ड्रग कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है कि कफ सिरप जैसे फिनिश प्रोडक्ट्स में डाईएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) नामक घातक जहर की जांच पूरे देश में अनिवार्य नहीं है। श्रीवास्तव ने स्वीकार किया कि अगर यह जांच अनिवार्य होती तो Coldrif कफ सिरप के SR-13 बैच में 48.6% DEG पकड़ा जाता, जो बच्चों की मौत का मुख्य कारण बना। उन्होंने केंद्र की फार्माकोपिया को पत्र लिखकर DEG जांच को अनिवार्य बनाने का अनुरोध किया है। यह बयान राज्य सरकार की लापरवाही पर सवाल खड़े करता है।
ड्रग कंट्रोलर का खुलासा: DEG जांच क्यों नहीं अनिवार्य?
मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए दिनेश श्रीवास्तव ने कहा, “फिनिश प्रोडक्ट (तैयार दवा) में DEG की जांच अनिवार्य नहीं है। यह एक बड़ी कमी है। Coldrif सिरप के बैच SR-13 में 48.6% DEG मिला, जो किडनी फेलियर का कारण बना। अगर जांच होती तो यह बच जाता।” उन्होंने सैंपल देरी से भेजने की भी बात कबूली। सिरप का सैंपल जुलाई में लिया गया था, लेकिन लैब रिपोर्ट सितंबर में आई। श्रीवास्तव ने केंद्र को पत्र लिखा है कि फार्माकोपिया में DEG जांच को अनिवार्य किया जाए।
यह खुलासा WHO की चिंता से मेल खाता है, जो भारत में घरेलू बाजार के लिए DEG स्क्रीनिंग की कमी पर सवाल उठा रही है। WHO ने CDSCO से पूछा है कि क्या दूषित सिरप निर्यात हुए।
छिंदवाड़ा कांड: मौतों का आंकड़ा और कार्रवाई
छिंदवाड़ा में Coldrif सिरप पीने से 22 बच्चों (ज्यादातर 4 साल से कम उम्र) की मौत हो चुकी है। सिरप में 48.6% DEG मिला, जो औद्योगिक सॉल्वेंट है और किडनी फेलियर का कारण बनता है। तमिलनाडु की Sresan Pharma ने सिरप बनाया था।
– सरकारी कार्रवाई: MP सरकार ने Coldrif, Respifresh TR और ReLife सिरप पर बैन लगा दिया। Sresan Pharma का मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस कैंसल करने की सिफारिश की गई। 3 ड्रग इंस्पेक्टर्स (गौरव शर्मा, शरद कुमार जैन, शोभित कोष्ठा) सस्पेंड, ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य ट्रांसफर।
– केंद्र का कदम: CDSCO ने सभी राज्यों को कच्चे माल और फिनिश प्रोडक्ट्स के हर बैच की टेस्टिंग का सख्त निर्देश दिया। गैस क्रोमैटोग्राफी टेस्टिंग अनिवार्य। 19 यूनिट्स पर रिस्क-बेस्ड इंस्पेक्शन।
– अन्य राज्य: उत्तराखंड, पंजाब, महाराष्ट्र, यूपी, राजस्थान, तेलंगाना, केरल में Coldrif बैन। उत्तराखंड ड्रग कंट्रोलर ने बिना प्रिस्क्रिप्शन दवा न खरीदने की अपील की।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, “बच्चों की मौत पर शोक। दोषियों को सजा मिलेगी।” विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया।
विशेषज्ञों की चिंता: क्यों हो रही मौतें?
ड्रग रेगुलेटर्स ने कहा कि छोटी कंपनियां गैस क्रोमैटोग्राफी टेस्टिंग नहीं कर पातीं, जो DEG पकड़ने के लिए जरूरी है। WHO की 2001 रिपोर्ट में कहा गया कि थिन लेयर क्रोमैटोग्राफी DEG मिस कर सकती है। विशेषज्ञों ने OTC कफ सिरप की बिक्री पर पाबंदी और 4 साल से कम बच्चों को न देने की सलाह दी।
कुल 170 सिरप सैंपल जांच को भेजे गए हैं। यह कांड भारत की फार्मा क्वालिटी कंट्रोल पर सवाल खड़े करता है।
