हरियाणा में IPS अधिकारी पूरन कुमार की पत्नी से CM सैनी की मुलाकात: DGP, SP समेत 8 अधिकारियों पर FIR की मांग, ‘परेशान करने वाले सिस्टम से छुट्टी’ का संकेत
हरियाणा में IPS अधिकारी पूरन कुमार की पत्नी से CM सैनी की मुलाकात: DGP, SP समेत 8 अधिकारियों पर FIR की मांग, ‘परेशान करने वाले सिस्टम से छुट्टी’ का संकेत
हरियाणा के ADGP Y. पूरन कुमार की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ के सेक्टर-24 स्थित पूरन के आवास पर उनकी पत्नी IAS अमनीत पी. कुमार से मुलाकात की और शोक संदेश दिया। अमनीत ने CM को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें DGP शत्रुजीत सिंह कपूर, रोहतक SP नरेंद्र बिजरनिया समेत 8 IPS/IAS अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए FIR, सस्पेंशन और गिरफ्तारी की मांग की। अमनीत ने कहा, “मेरा पति सिस्टम की प्रताड़ना से तंग आ चुका था। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।” CM ने उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया, लेकिन पुलिस ने अभी FIR दर्ज नहीं की है।
मुलाकात का विवरण
मुख्यमंत्री सैनी दोपहर करीब 3 बजे अमनीत के आवास पहुंचे, जहां हरियाणा मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, ACS (होम) सुमिता मिश्रा और अन्य IAS अधिकारी उनके साथ थे। अमनीत, जो जापान से CM के डेलिगेशन के साथ लौटी थीं, ने CM को 9 पेज का ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने कहा, “मेरे पति की मौत ‘सिस्टमेटिक परेशानी’ का नतीजा है। आरोपी उच्च अधिकारी हैं, जो जांच प्रभावित कर सकते हैं। हमें आजीवन सुरक्षा दें।” CM ने अमनीत को सांत्वना दी और कहा, “पूरन कुमार का निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है। जांच निष्पक्ष होगी।”
अमनीत ने मंगलवार रात चंडीगढ़ पुलिस में शिकायत दर्ज की, जिसमें SC/ST एक्ट, BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) का हवाला दिया।
सुसाइड नोट का खुलासा: 8 अधिकारियों पर आरोप
पूरन कुमार (52 वर्ष, 2001 बैच IPS) ने 9 पेज का ‘फाइनल नोट’ छोड़ा, जिसमें 7-8 IPS और 2 IAS अधिकारियों का नाम लिया। उन्होंने 2020 से चली आ रही ‘जातिगत भेदभाव, मानसिक प्रताड़ना, प्रमोशन में बाधा और ACR खराब करने’ के आरोप लगाए। मुख्य बिंदु:
– DGP शत्रुजीत सिंह कपूर: प्रमोशन और पोस्टिंग में भेदभाव।
– रोहतक SP नरेंद्र बिजरनिया: हालिया ट्रांसफर (29 सितंबर को रोहतक जेल) में उत्पीड़न।
– अन्य: 2020 में शाहजादपुर मंदिर विजिट पर विवाद, जहां SP अभिषेक जोरवाल ने जातिगत टिप्पणी की।
नोट में पूरन ने लिखा, “मैं ईमानदार अधिकारी हूं, लेकिन सिस्टम ने तोड़ दिया।” पोस्टमॉर्टम अभी लंबित है, क्योंकि अमनीत जापान से लौटीं।
पृष्ठभूमि: पूरन का करियर और विवाद
पूरन कुमार हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS थे, जो अधिकारियों के अधिकारों पर सक्रिय थे। 2023 में एक सीनियर IAS पर हरासमेंट की शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न हुई। हालिया ट्रांसफर के बाद वे छुट्टी पर थे। IPS एसोसिएशन ने इसे “विभाग की विफलता” बताया।
विपक्ष ने सरकार पर SC/ST अधिकारियों के साथ भेदभाव का आरोप लगाया। CM सैनी ने कहा, “पूर्ण जांच होगी। दोषी बख्शे नहीं जाएंगे।”
यह घटना हरियाणा पुलिस में स्ट्रेस और जातिगत भेदभाव पर बहस छेड़ देगी।
