छत्तीसगढ़ IIIT रायपुर: AI टूल से 36 छात्राओं की अश्लील तस्वीरें बनाने वाले छात्र के खिलाफ FIR दर्ज, CM ने लिया संज्ञान
छत्तीसगढ़ IIIT रायपुर: AI टूल से 36 छात्राओं की अश्लील तस्वीरें बनाने वाले छात्र के खिलाफ FIR दर्ज, CM ने लिया संज्ञान
छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। तीसरे वर्ष के एक छात्र पर आरोप है कि उसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का दुरुपयोग कर अपनी 36 महिला सहपाठियों की तस्वीरों को अश्लील रूप में मॉर्फ किया। छात्राओं की शिकायत पर संस्थान ने आरोपी को निलंबित कर दिया और आंतरिक जांच शुरू की। पुलिस ने IPC की धारा 354C (वॉयरिज्म), 66E (IT एक्ट) के तहत FIR दर्ज की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मामले का संज्ञान लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आरोपी बिलासपुर का निवासी है और फरार बताया जा रहा है।
घटना का पूरा विवरण
मामला 6 अक्टूबर को तब उजागर हुआ जब पीड़ित छात्राओं ने फैकल्टी से शिकायत की। आरोपी ने सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, फेसबुक, लिंक्डइन) से छात्राओं की प्रोफाइल तस्वीरें डाउनलोड कीं। फिर AI टूल्स (जैसे डीपफेक टेक्नोलॉजी) का इस्तेमाल कर इन्हें अश्लील दृश्यों में बदल दिया। ये मॉर्फ्ड तस्वीरें और वीडियो (कुल 1,000 से अधिक) आरोपी के लैपटॉप और क्लाउड सर्वर पर सेव थे। छात्राओं को डर है कि ये तस्वीरें लीक हो सकती हैं या ऑनलाइन बेची जा सकती हैं, जिससे उनकी निजता को स्थायी नुकसान पहुंचेगा।
IIIT रायपुर के डायरेक्टर प्रो. अलोक कुमार डास ने कहा, “मामला गंभीर है। आरोपी को तुरंत निलंबित कर दिया गया। आंतरिक जांच समिति गठित की गई है, और पुलिस को सभी सबूत सौंपे गए। छात्राओं की सुरक्षा और काउंसलिंग सुनिश्चित की जा रही है।”
पुलिस की कार्रवाई और CM का संज्ञान
रायपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की। साइबर सेल ने उसके डिवाइस जब्त कर लिए हैं। SP रायपुर संतोष कुमार सिंह ने बताया, “आरोपी फरार है, लेकिन जल्द गिरफ्तार होगा। यह डीपफेक का मामला है, जिसमें IT एक्ट के तहत सख्त सजा होगी।” मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, “महिलाओं की गरिमा पर हमला बर्दाश्त नहीं। IIIT प्रबंधन और पुलिस से तुरंत कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। दोषी को कोई छूट नहीं मिलेगी।”
छात्राओं ने आरोप लगाया कि संस्थान ने शुरुआत में शिकायत को दबाने की कोशिश की, लेकिन दबाव में FIR दर्ज हुई।
साइबर विशेषज्ञों की चिंता: AI का दुरुपयोग
विशेषज्ञों का कहना है कि AI टूल्स जैसे Midjourney या Stable Diffusion आसानी से उपलब्ध हैं, जिनका दुरुपयोग डीपफेक के लिए हो रहा है। साइबर लॉ एक्सपर्ट प्रो. पवन दुबे ने कहा, “यह महिलाओं की निजता पर हमला है। IT एक्ट में सख्त प्रावधान हैं, लेकिन जागरूकता और टेक्नोलॉजी कंट्रोल जरूरी।” भारत में डीपफेक मामलों में 2025 में 200% वृद्धि हुई है।
यह घटना IIIT जैसे तकनीकी संस्थानों में साइबर सुरक्षा की कमी को उजागर करती है। छात्राओं ने काउंसलिंग और सख्त कानून की मांग की है।
