राजनीति

बसपा की महारैली: मायावती का शक्ति प्रदर्शन, सपा-कांग्रेस पर वार और योगी की तारीफ में ‘सेल्फगोल’

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को कांशीराम के 19वें परिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ के रामाबाई मैदान में आयोजित महारैली में करीब 5 लाख समर्थकों को संबोधित किया। नौ साल बाद हुए इस शक्ति प्रदर्शन में मायावती ने 2027 विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ने का ऐलान किया, PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वोट बैंक को मजबूत करने का वादा किया, लेकिन सपा-कांग्रेस पर तीखे हमले के साथ-साथ योगी सरकार की तारीफ ने राजनीतिक विश्लेषकों को “सेल्फगोल” का आरोप लगाने पर मजबूर कर दिया। रैली में आकाश आनंद की तारीफ और बसपा सरकार बनने पर “दलित-विरोधी कानूनों को बदलने” का वादा प्रमुख रहा।

मायावती की प्रमुख घोषणाएं: 2027 का रोडमैप

मायावती ने रैली में कई बड़े वादे किए, जो बसपा के बहुमत वाली सरकार बनाने के लक्ष्य पर केंद्रित थे:

– अकेले चुनाव लड़ना: “बसपा 2027 में अकेले मैदान में उतरेगी। गठबंधन से वोट बंटता है, सरकार टूटती है। बसपा ने अकेले ही यूपी में सरकार बनाई थी।”

– कानूनों में बदलाव: “बसपा सरकार बनने पर दलितों-पिछड़ों के खिलाफ सभी कानून बदल दिए जाएंगे। कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।”

– PDA को मजबूत बनाना: “PDA वोट बैंक को मजबूत करेंगे। आकाश आनंद मेरे निर्देशन में जनाधार बढ़ा रहे हैं। बहुजन समाज सतर्क रहे।”

– शक्ति प्रदर्शन: रैली में 5 लाख लोगों की उपस्थिति का दावा करते हुए कहा, “यह रिकॉर्ड तोड़ रैली है। 2027 में पूर्ण बहुमत से बसपा सरकार बनेगी।”

रैली में लखनऊ की सड़कें नीले रंग में रंगी नजर आईं, और मवैया से अवध चौराहे तक जनसैलाब उमड़ा।

निशाने पर सपा-कांग्रेस: ‘दोगले’ और ‘वोटबैंक सियासत’

मायावती का सबसे तीखा हमला समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर था, खासकर अखिलेश यादव पर:

– सपा पर: “सपा को PDA याद तभी आता है जब सत्ता से बाहर होते हैं। कांशीराम के परिनिर्वाण दिवस पर सपा ने संगोष्ठी का ऐलान किया, लेकिन सत्ता में रहकर PDA को भूल जाते हैं। ये दोगले लोग बहुजन समाज को बेवकूफ बनाते हैं। आजम खान जैसे लोगों को फंसाते हैं।”

– कांग्रेस पर: “कांग्रेस ने हमेशा दलितों का शोषण किया। अब PDA की बात करके वोट लूटने की कोशिश कर रही है।”

– BJP पर: हमला हल्का रहा। “जातिवादी पार्टियां घोषणाएं तो करती हैं, लेकिन जमीनी लाभ नहीं।” लेकिन योगी सरकार की तारीफ की: “यूपी में कानून-व्यवस्था अच्छी है।”

सेल्फगोल: योगी की तारीफ से उठे सवाल

मायावती का BJP पर नरमी भरा रुख और योगी सरकार की तारीफ ने विपक्ष को मौका दे दिया। राजनीतिक विश्लेषक इसे “सेल्फगोल” बता रहे हैं:

– विश्लेषण: रैली में सपा पर तीखा प्रहार तो BJP पर नरमी से मायावती का PDA वोट बैंक बिखरने का डर झलकता है। अखिलेश की PDA रणनीति (आजम खान से मुलाकात) से बसपा का मुस्लिम-दलित वोट खतरे में है। योगी तारीफ से BJP समर्थक हंस रहे हैं, जबकि सपा ने तंज कसा: “मायावती BJP की B-टीम बन गईं।”

– अखिलेश का पलटवार: रैली खत्म होते ही अखिलेश ने शायराना अंदाज में ट्वीट किया: “कुछ लोग PDA की बात करते हैं, लेकिन सत्ता में रहकर भूल जाते हैं। हम PDA को हकीकत बनाएंगे।” इससे मायावती पर “BJP से सांठगांठ” का आरोप लगा।

– विशेषज्ञों का मत: “यह रैली शक्ति प्रदर्शन तो थी, लेकिन निशाने गलत लगे। सपा पर हमला ठीक, लेकिन BJP की तारीफ से बसपा का वोटर कन्फ्यूज हो सकता है। 2027 में अकेले लड़ना जोखिम भरा है।”

रैली में आकाश आनंद (मायावती के भतीजे) की मौजूदगी ने बसपा की नई पीढ़ी को मजबूत करने का संकेत दिया। लेकिन सेल्फगोल ने मायावती के संदेश को कमजोर कर दिया।

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