राजनीति

बिहार चुनाव: BJP के ऑफर से खुश नहीं चिराग पासवान… धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात किए बिना दिल्ली लौटेंगे, सीट शेयरिंग पर NDA में तनाव

बिहार चुनाव: BJP के ऑफर से खुश नहीं चिराग पासवान… धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात किए बिना दिल्ली लौटेंगे, सीट शेयरिंग पर NDA में तनाव

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सीट शेयरिंग को लेकर NDA में तनाव चरम पर पहुंच गया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान BJP के ऑफर से असंतुष्ट हैं और पटना में चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात किए बिना ही आज रात दिल्ली रवाना हो जाएंगे। चिराग ने 40-50 सीटों की मांग रखी है, लेकिन BJP 20-25 देने को तैयार है, जिससे बातचीत अटक गई है। NDA की पटना मीटिंग में चिराग की गैरमौजूदगी से BJP की टेंशन बढ़ गई है। सूत्रों के मुताबिक, चिराग प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रहे हैं।

चिराग की नाराजगी और दिल्ली रवानगी

चिराग पासवान पटना पहुंचे, लेकिन BJP नेताओं के साथ कोई बैठक निर्धारित नहीं की। धर्मेंद्र प्रधान और विनोद तावड़े पटना में NDA सहयोगियों से मिलने आए हैं, लेकिन चिराग ने साफ कर दिया कि वे ऑफर से संतुष्ट नहीं हैं। एक करीबी स्रोत ने बताया, “चिराग 40-50 ‘विनेबल’ सीटें चाहते हैं, खासकर ब्रह्मपुर और गोविंदगंज जैसी मजबूत जगहें। BJP का 20-25 का प्रपोजल उन्हें कम लग रहा है। वे दिल्ली जाकर अमित शाह से बात करेंगे।” चिराग आज रात दिल्ली लौटेंगे, और NDA की पटना मीटिंग में हिस्सा नहीं लेंगे।

चिराग ने एक्स पर क्रिप्टिक पोस्ट शेयर की: “हर कदम पर लड़ना सीखो, क्योंकि जिंदगी आसान नहीं है।” यह पोस्ट NDA में सीट विवाद को इंगित करती लग रही है।

NDA मीटिंग में क्या चर्चा?

पटना में BJP ने JD(U), HAM, RLM और LJP(RV) के नेताओं के साथ बैठक बुलाई है। लेकिन चिराग की अनुपस्थिति से मीटिंग प्रभावित हुई। JD(U) 101-103 सीटें मांग रही है, BJP 100-102 पर अड़ी है। छोटे सहयोगी:

– HAM (मांझी): 15-18 मांग, BJP 7-8 देने को तैयार।

– RLM (कुशवाहा): 6-7 मांग।

– LJP(RV): 40-50 मांग, BJP 20-25 ऑफर।

सूत्रों के मुताबिक, BJP-JD(U) मिलकर 200+ सीटें लेंगे, लेकिन चिराग की जिद से गठबंधन खतरे में है। अगर बात न बनी तो चिराग जन सुराज के साथ गठबंधन कर सकते हैं, जहां वे शाहाबाद क्षेत्र से खुद लड़ सकते हैं।

राजनीतिक निहितार्थ

चिराग का यह रुख NDA की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है। 2020 में चिराग ने JD(U) को नुकसान पहुंचाया था, और अब BJP पर दबाव बना रहे हैं। तेजस्वी यादव ने तंज कसा, “NDA टूटने की कगार पर।” विशेषज्ञों का कहना है कि चिराग का दलित वोट बैंक NDA के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन ज्यादा सीटें देने से BJP-JD(U) का हिस्सा कम होगा।

चुनाव 6-11 नवंबर को दो चरणों में होंगे। NDA को जल्द फैसला लेना होगा, वरना महागठबंधन को फायदा।

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