ओलंपिक हीरो अमन सहरावत के करियर को बड़ा झटका: वजन न बनाने पर WFI ने लगाई 1 साल की सस्पेंशन, वर्ल्ड चैंपियनशिप से डिसक्वालिफाई
ओलंपिक हीरो अमन सहरावत के करियर को बड़ा झटका: वजन न बनाने पर WFI ने लगाई 1 साल की सस्पेंशन, वर्ल्ड चैंपियनशिप से डिसक्वालिफाई
पेरिस ओलंपिक 2024 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले युवा पहलवान अमन सहरावत (22 वर्ष) के करियर को बड़ा झटका लगा है। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) ने उन्हें वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप 2025 (जाग्रेब, क्रोएशिया) में वजन न बनाने के कारण 1 साल की सस्पेंशन थोप दी है। यह सस्पेंशन 23 सितंबर 2025 से प्रभावी है, जिससे अमन अगले साल के एशियन गेम्स (2026, जापान) से बाहर हो जाएंगे। WFI ने इसे “अनुशासनहीनता और पेशेवरता की कमी” बताया है। अमन ने बीमारी का हवाला दिया था, लेकिन फेडरेशन ने उनके जवाब को “असंतोषजनक” करार दिया।
पूरा मामला क्या है?
सितंबर 2025 में वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के मेंस फ्रीस्टाइल 57 किग्रा कैटेगरी में अमन को हिस्सा लेना था। लेकिन वेइन-इन के दौरान वे 1.7 किग्रा ओवरवेट पाए गए। यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने उन्हें तुरंत डिसक्वालिफाई कर दिया। अमन ने बताया कि वेइन-इन से एक रात पहले उन्हें तेज बुखार हो गया था, जिससे वजन कटिंग प्रोसेस में दिक्कत हुई। उनका पर्सनल कोच ललित प्रसाद ने भी कहा कि बीमारी के कारण वजन कम न हो सका।
WFI ने 23 सितंबर को शो-कॉज नोटिस जारी किया। अमन ने 29 सितंबर को जवाब दिया, लेकिन डिसिप्लिनरी कमिटी ने इसे खारिज कर दिया। फेडरेशन के प्रेसिडेंट संजय सिंह ने कहा, “ओलंपिक मेडलिस्ट होने के नाते अमन से उच्चतम अनुशासन की उम्मीद थी। यह घटना राष्ट्र की छवि को धक्का पहुंचाती है।” अमन को नेशनल और इंटरनेशनल लेवल पर किसी भी रेसलिंग एक्टिविटी से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
अमन के कोचिंग स्टाफ को भी चेतावनी
WFI ने अमन के चार कोचों—जगमिंदर सिंह (चीफ कोच), वीरेंद्र, नरेंद्र और विनोद—को भी फॉर्मल वार्निंग जारी की। कोच जाग्रेब में अमन के साथ नहीं थे, लेकिन फेडरेशन ने उन्हें वजन मैनेजमेंट में लापरवाही का दोषी ठहराया। कोचों को 5 अक्टूबर को दिल्ली में सुनवाई के लिए बुलाया गया था। यह भारत में तीसरा ऐसा मामला है—पहले विनेश फोगाट (ओलंपिक 2024) और नेहा सांगवान (U20 वर्ल्ड चैंपियनशिप 2025) को भी वजन उल्लंघन पर सस्पेंड किया गया था। नेहा को 2 साल की सजा मिली थी।
अमन सहरावत का करियर: युवा सितारे का सफर
अमन सहरावत हरियाणा के छपरौद गांव के रहने वाले हैं। वे भारत के सबसे युवा ओलंपिक मेडलिस्ट हैं (21 वर्ष की उम्र में पेरिस 2024 में ब्रॉन्ज)। 57 किग्रा कैटेगरी में उन्होंने राहुल को हराकर क्वालिफाई किया था। ओलंपिक के बाद उन्होंने उलानबातार ओपन (जून 2025) में ब्रॉन्ज और यासर डोगु टूर्नामेंट (अगस्त 2025) में गोल्ड जीता। लेकिन यह सस्पेंशन उनके 2026 एशियन गेम्स (30 सितंबर से 3 अक्टूबर) की तैयारी को पटरी से उतार देगा। अमन ने कहा, “मैं बीमार था, लेकिन गलती स्वीकार करता हूं। वापसी मजबूत होगी।”
प्रतिक्रियाएं और भविष्य
WFI का फैसला विवादास्पद है। कुछ पूर्व पहलवान इसे सख्त लेकिन जरूरी बता रहे हैं, तो कुछ अमन की युवावस्था और बीमारी को ध्यान में रखते हुए नरमी की मांग कर रहे हैं। IOA और SAI ने भी चुप्पी साधी है। अमन की सस्पेंशन सितंबर 2026 तक चलेगी, जिससे वे अगले ओलंपिक (2028, लॉस एंजिल्स) की तैयारी पर फोकस कर सकेंगे।
यह घटना भारतीय कुश्ती में वजन मैनेजमेंट की समस्या को उजागर करती है। अमन जैसे युवा टैलेंट को वापसी का मौका मिलना चाहिए।
