बिहार विधानसभा चुनाव 2025: पोलिंग बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं, रंगीन होंगी प्रत्याशी तस्वीरें; CEC ने पेश कीं 17 नई पहलें
बिहार विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने हाल ही में बिहार में सफलता के साथ संपन्न स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की सराहना की। उन्होंने कहा कि SIR के जरिए वोटर लिस्ट को शुद्ध किया गया, जिसमें 65 लाख नाम हटाए गए और 21.53 लाख नए वोटर जोड़े गए। अब बिहार में कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं। CEC ने स्पष्ट किया कि SIR कानूनी प्रक्रिया है और नाम हटाने की सूची जिला वेबसाइटों पर उपलब्ध है। राजनीतिक दलों को नामांकन से 10 दिन पहले आपत्तियां दर्ज करने का समय दिया गया है।
CEC कुमार ने बिहार से शुरू करते हुए पूरे देश में नई पहल की घोषणा की। उन्होंने कहा, “बिहार के प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर अब 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे।” यह कदम भीड़भाड़ रोकने और मतदान प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए उठाया गया है। पहले यह सीमा 1500 थी। राजनीतिक दलों ने इस तर्कसंगतकरण (रेशनलाइजेशन) की सराहना की। इसके अलावा, उम्मीदवारों की फोटो अब कलरफुल होंगी, जो मतदाताओं के लिए आसानी से पहचान योग्य होंगी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CEC ने बिहार चुनावों के लिए 17 नई पहलों का जिक्र किया, जो पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाएंगी। इनमें शामिल हैं:
– मोबाइल फोन चार्जिंग पॉइंट्स: मतदान केंद्रों पर वोटरों के लिए मोबाइल चार्जिंग की सुविधा, क्योंकि लाइन में खड़े रहते समय फोन डिस्चार्ज हो जाता है।
– बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पहचान**: वोटर कार्ड से चेहरे की जांच का तंत्र, ताकि सत्यापन आसान हो।
– EVM सुरक्षा: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की मजबूती पर जोर, साथ ही मॉक पोलिंग अनिवार्य।
– नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा: नक्सल-प्रभावित जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था।
– वोटर जागरूकता अभियान: BLOs (बूथ लेवल ऑफिसर्स) की भूमिका बढ़ाना, जिन्होंने SIR में देशव्यापी उदाहरण पेश किया। बिहार के 90,217 BLOs ने वोटर लिस्ट शुद्धिकरण में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
CEC कुमार ने राजनीतिक दलों के साथ शनिवार को हुई बैठक का जिक्र किया, जिसमें NDA (बीजेपी, JD(U)) और महागठबंधन (RJD, कांग्रेस) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दलों ने SIR को “ऐतिहासिक” बताते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भरोसा जताया। JD(U) के संजय जेहरा ने कहा, “चुनाव आयोग का सहयोग मिलेगा, तो लोकतंत्र का महापर्व शांतिपूर्ण होगा।” RJD ने भी पारदर्शिता की मांग की, लेकिन SIR पर विवाद कम होने के संकेत दिए।
चुनाव आयोग की टीम, जिसमें चुनाव आयुक्त सुक्खबीर सिंह संधू और विवेक जोशी शामिल हैं, ने पटना पहुंचकर जिला निर्वाचन अधिकारियों, पुलिस और प्रवर्तन एजेंसियों से मुलाकात की। उन्होंने पैसे-बल की आशंका पर अंकुश लगाने के निर्देश दिए। SIR पर विपक्ष के “वोट चोरी” आरोपों को खारिज करते हुए CEC ने कहा, “आयोग का कोई पक्षपाती नहीं, सभी दल समान हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन हो रहा है।” उन्होंने वोटरों से अपील की कि नाम हटाने पर तुरंत शिकायत करें।
बिहार चुनावों की तारीखों का ऐलान जल्द अपेक्षित है। 243 सीटों पर NDA (131 सीटें) और महागठबंधन (111 सीटें) के बीच कड़ा मुकाबला होगा। प्राशांत किशोर की जन सुराज पार्टी भी मैदान में है। आयोग ने साफ कहा कि वैशाली की तरह बिहार लोकतंत्र का गढ़ बनेगा। ये पहलें न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश के चुनावों को मजबूत बनाएंगी। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि ये बदलाव मतदान प्रतिशत बढ़ाएंगे।
