राजनीति

‘भारत का दोस्त रूस पाकिस्तान को बेच रहा फाइटर जेट का इंजन’: कांग्रेस के दावे पर बीजेपी का पलटवार, रूस ने किया खारिज

‘भारत का दोस्त रूस पाकिस्तान को बेच रहा फाइटर जेट का इंजन’: कांग्रेस के दावे पर बीजेपी का पलटवार, रूस ने किया खारिज

रूस के साथ भारत के मजबूत रणनीतिक संबंधों पर सवाल उठाते हुए कांग्रेस ने मोदी सरकार पर विदेश नीति की विफलता का आरोप लगाया है। पार्टी का दावा है कि रूस पाकिस्तान को JF-17 फाइटर जेट्स के लिए RD-93MA इंजन की आपूर्ति कर रहा है, जो भारत के लिए खतरा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इसे ‘मोदी की पर्सनलाइज्ड डिप्लोमेसी की नाकामी’ करार दिया। जवाब में बीजेपी आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने कांग्रेस को ‘शत्रु का साथ देने’ वाला बताया और कहा कि ये दावे प्रोपेगैंडा पर आधारित हैं। इस बीच, रूस ने ऐसी किसी आपूर्ति की खबरों को ‘अलॉजिकल’ बताकर सिरे से खारिज कर दिया।

कांग्रेस का हमला 4 अक्टूबर को शुरू हुआ, जब जयराम रमेश ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा, “मोदी सरकार को बताना चाहिए कि भारत का सबसे भरोसेमंद साझेदार रूस अब पाकिस्तान को सैन्य मदद क्यों दे रहा है, जबकि भारत S-400 मिसाइल सिस्टम खरीद रहा है और Su-57 स्टेल्थ फाइटर के लिए बातचीत कर रहा है।” उन्होंने दावा किया कि ये उन्नत RD-93MA इंजन JF-17 के ब्लॉक III वेरिएंट के लिए हैं, जो PL-15 मिसाइलों से लैस हैं। रमेश ने कहा, “ये वही मिसाइलें हैं जो ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के खिलाफ इस्तेमाल हुईं। IAF चीफ ने भी JF-17 को पाकिस्तानी फाइटर बताते हुए इसका जिक्र किया।” उन्होंने जून 2025 में विदेश मंत्री एस. जयशंकर की दखल के बावजूद सौदे को आगे बढ़ाने पर सवाल उठाए। रमेश ने पीएम मोदी की ‘हग डिप्लोमेसी’ को निशाने पर लेते हुए कहा कि हाई-प्रोफाइल समिट और फोटो ऑप्स से राष्ट्रीय हितों की रक्षा नहीं हो रही।

कांग्रेस का आरोप मल्टीपल मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है, जो बताती हैं कि रूस-पाकिस्तान के बीच ये सौदा चल रहा है। पार्टी ने कहा कि इससे पाकिस्तान की वायुसेना मजबूत हो रही है, जो भारत के लिए खतरा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी कहा, “रूस का ये कदम भारत की कूटनीति की कमजोरी दिखाता है।” विपक्ष ने इसे मोदी सरकार की विदेश नीति पर बड़ा सवाल बताया, खासकर जब रूस ने हाल ही में व्लादिमीर पुतिन ने पीएम मोदी की तारीफ की थी।

बीजेपी ने तीखा पलटवार किया। अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “रूस ने RD-93MA इंजन की आपूर्ति की खबरों को खारिज कर दिया है। जयराम रमेश ने एनबीटी की स्टोरी पर भरोसा किया, जो एक प्रो-पाक प्रोपेगैंडा वेबसाइट का हवाला देती है। कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं, कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं। ये कांग्रेस की रेकलेस इंफॉर्मेशन वॉरफेयर है—फिर से शत्रु का साथ चुन रही है।” मालवीय ने कांग्रेस को ‘इंडिया के साथ न खड़े होने’ का आरोप लगाया। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “कांग्रेस हमेशा भारत-रूस दोस्ती को कमजोर करने की कोशिश करती है। ये दावे पाकिस्तानी प्रचार का हिस्सा हैं। मोदी सरकार ने रूस के साथ रिकॉर्ड डिफेंस डील्स की हैं, जो जारी हैं।”

रूस की प्रतिक्रिया ने विवाद को नया मोड़ दिया। रूसी दूतावास ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा, “ऐसी कोई सहयोग पाकिस्तान के साथ नहीं है। ये खबरें तर्कहीन हैं।” WION की रिपोर्ट में कहा गया कि मॉस्को ने JF-17 थंडर ब्लॉक III के लिए इंजन सप्लाई की अफवाहों को नकारा। पूर्व राजनयिकों ने भी सतर्क रहने की सलाह दी, कहा कि पुतिन की तारीफ के बावजूद रूस के इरादों पर नजर रखनी चाहिए।

यह विवाद भारत-पाक तनाव के बीच आया है, जहां JF-17 को भारत के खिलाफ इस्तेमाल होने का डर है। विशेषज्ञों का कहना है कि रूस की पाकिस्तान के साथ बढ़ती नजदीकी आर्थिक दबाव (यूक्रेन युद्ध के कारण) से हो सकती है, लेकिन भारत के साथ उसके संबंध मजबूत हैं। कांग्रेस ने संसद में इस मुद्दे को उठाने का ऐलान किया, जबकि बीजेपी ने इसे ‘फेक न्यूज’ बताकर खारिज कर दिया। यह घटना भारत की विदेश नीति पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू कर सकती है।

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