हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद: 2.68 लाख श्रद्धालुओं ने की यात्रा, विशेष आयोजन की तैयारी
हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद: 2.68 लाख श्रद्धालुओं ने की यात्रा, विशेष आयोजन की तैयारी
उत्तराखंड के चमोली जिले में हिमालय की गोद में बसे सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकाल के लिए 10 अक्टूबर 2025 को बंद होंगे। समुद्र तल से 15,200 फीट (लगभग 4,632 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित यह गुरुद्वारा एशिया में सबसे ऊंचे तीर्थ स्थलों में से एक है। कपाट बंद होने के अवसर पर भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों से श्रद्धालु भारी संख्या में हेमकुंड साहिब पहुंचेंगे। इस वर्ष यात्रा शुरू होने से अब तक 2 लाख 68 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं।
कपाट बंदी की तैयारियां
– आयोजन की जानकारी: गोविंद घाट गुरुद्वारा के प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने शनिवार को बताया कि कपाट बंद होने के अवसर पर हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा को विशेष रूप से सजाया जाएगा। समारोह में गढ़वाल राइफल्स की सेना और पंजाब से विशेष बैंड टीम की भागीदारी होगी। हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक ट्रस्ट के अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत बिंद्रा भी इस दौरान मौजूद रहेंगे।
– समारोह का महत्व: कपाट बंदी का आयोजन सिख परंपराओं के अनुसार किया जाएगा, जिसमें गुरबानी कीर्तन, अरदास और लंगर की व्यवस्था होगी। यह समारोह श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और भावनात्मक रूप से महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि गुरुद्वारा अगले 6 महीनों तक बर्फ से ढक रहेगा।
यात्रा का विवरण
– यात्री आंकड़े: इस वर्ष मई 2025 में कपाट खुलने के बाद से अब तक 2,68,000 से अधिक श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा का रास्ता गोविंद घाट से शुरू होकर घांघरिया और फिर 19 किमी की खड़ी चढ़ाई के बाद हेमकुंड साहिब तक जाता है।
– यात्रा की विशेषता: हेमकुंड साहिब गुरु गोबिंद सिंह जी से जुड़ा है, जिन्होंने यहां तपस्या की थी। यह स्थल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक शांति के लिए प्रसिद्ध है। पास में स्थित लक्ष्मण मंदिर और लोकपाल झील भी श्रद्धालुओं को आकर्षित करते हैं।
प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था
– प्रशासन की तैयारी: चमोली जिला प्रशासन ने कपाट बंदी के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत किया है। ठंड और बर्फबारी को देखते हुए यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
– मौसम की चुनौती: अक्टूबर में हेमकुंड साहिब में तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, जिसके कारण कपाट बंद किए जाते हैं और अगले साल मई में फिर खोले जाएंगे।
यह आयोजन सिख समुदाय और श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण पल है। कपाट बंद होने के बाद गुरुद्वारा प्रबंधन गोविंद घाट में शीतकालीन सेवाएं जारी रखेगा। नवीनतम अपडेट के लिए गुरुद्वारा प्रबंधन या चमोली प्रशासन की वेबसाइट चेक करें।
