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ट्रंप की धमकी के बाद हमास राजी: इजरायली बंधकों की रिहाई पर सहमति, पीएम मोदी ने भी ट्रंप का किया समर्थन

ट्रंप की धमकी के बाद हमास राजी: इजरायली बंधकों की रिहाई पर सहमति, पीएम मोदी ने भी ट्रंप का किया समर्थन

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी के बाद हमास ने गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिकी शांति योजना के प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई है। हमास ने सभी बचे इजरायली बंधकों (जिंदा और मृत) की रिहाई का ऐलान किया है, जिसके बदले इजरायल को सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा। ट्रंप ने हमास को ‘स्थायी शांति के लिए तैयार’ बताते हुए इजरायल को गाजा पर बमबारी तत्काल रोकने का निर्देश दिया है। इस बीच, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप की नेतृत्व क्षमता की सराहना की और इसे ‘महत्वपूर्ण कदम’ बताया।

ट्रंप की धमकी और हमास का ऐलान

– ट्रंप का अल्टीमेटम: ट्रंप ने शुक्रवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर हमास को चेतावनी दी कि अगर रविवार शाम 6 बजे (अमेरिकी समय) तक योजना स्वीकार नहीं की गई, तो ‘हमास के खिलाफ कभी न देखा गया नर्क टूट पड़ेगा’। उन्होंने कहा कि इजरायल को हमास को ‘समाप्त करने’ के लिए पूर्ण अमेरिकी समर्थन मिलेगा।

– हमास की प्रतिक्रिया: हमास ने बयान जारी कर ट्रंप की 20-सूत्री योजना के बंधक-कैदी विनिमय फॉर्मूले पर सहमति जताई। इसमें सभी इजरायली बंधकों (लगभग 100, जिनमें कुछ अमेरिकी नागरिक भी) की रिहाई शामिल है, बदले में इजरायल 250 जीवनकालीन कैद की सजा वाले और 1,700 अन्य फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करेगा। हालांकि, हमास ने योजना के अन्य बिंदुओं (जैसे हमास का निरस्त्रीकरण और गाजा में अंतरिम सरकार) पर ‘राष्ट्रीय ढांचे’ में बातचीत की मांग की।

– ट्रंप का अगला कदम: हमास के बयान के बाद ट्रंप ने कहा, ‘हमास स्थायी शांति के लिए तैयार लग रहा है। इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए ताकि बंधकों को सुरक्षित निकाला जा सके।’ उन्होंने वीडियो में जोर देकर कहा कि ‘मध्य पूर्व में शांति अब करीब है।’

इजरायल की स्थिति

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि वे योजना के पहले चरण (बंधक रिहाई) को ‘तत्काल लागू’ करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, इजरायल ने स्पष्ट किया कि युद्ध समाप्ति की शर्तें नहीं बदली हैं। गाजा में इजरायली सेना की कार्रवाई जारी है, लेकिन शांति योजना के तहत चरणबद्ध वापसी और सहायता प्रवाह का प्रावधान है। बंधक परिवारों ने ट्रंप का आभार जताया, एक मां ने कहा, ‘दो साल की पीड़ा के बाद बेटे को गले लगाने का सपना साकार होने वाला है।’

पीएम मोदी का समर्थन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर ट्रंप की सराहना की: ‘हम गाजा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति पर राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व का स्वागत करते हैं। बंधकों की रिहाई के संकेत महत्वपूर्ण कदम हैं। भारत स्थायी और न्यायपूर्ण शांति के सभी प्रयासों का मजबूती से समर्थन जारी रखेगा।’ मोदी ने पहले ही ट्रंप की योजना को ‘लंबे समय तक शांति का व्यवहार्य मार्ग’ बताया था, जिसे ट्रंप ने रीट्रुथ किया। भारत ने हमेशा दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया है, और यह बयान इजरायल-फिलिस्तीन के बीच संतुलित भूमिका को दर्शाता है।

वैश्विक प्रतिक्रियाएं

– संयुक्त राष्ट्र: महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सभी पक्षों से अवसर का लाभ उठाने को कहा।

– यूरोपीय देश: फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा, ‘बंधक रिहाई और युद्धविराम हाथोमाल के भीतर है!’ ब्रिटेन के पीएम कीयर स्टार्मर ने ‘तत्काल अमल’ की मांग की।

– अरब देश: सऊदी अरब, जॉर्डन, यूएई, कतर और मिस्र ने योजना का स्वागत किया।

– कनाडा: हमास के सत्ता त्याग और बंधक रिहाई का स्वागत किया, फिलिस्तीनी राज्य का समर्थन दोहराया।

यह योजना 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले (1,200 इजरायली मारे गए, 251 बंधक) के बाद दो साल के युद्ध को समाप्त करने की उम्मीद जगाती है, जिसमें 66,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए। योजना में गाजा में सहायता, पुनर्निर्माण और फिलिस्तीनी राज्य की संभावना शामिल है, लेकिन हमास का निरस्त्रीकरण विवादास्पद है। यदि बातचीत सफल रही, तो बंधक रिहाई 72 घंटों में शुरू हो सकती है। विकास पर नजर बनी रहेगी।

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