बरेली में हाई अलर्ट के बीच शांतिपूर्ण रही जुमे की नमाज: 8,500 सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन से निगरानी और इंटरनेट सस्पेंड
बरेली में हाई अलर्ट के बीच शांतिपूर्ण रही जुमे की नमाज: 8,500 सुरक्षाकर्मी तैनात, ड्रोन से निगरानी और इंटरनेट सस्पेंड
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में ‘आई लव मुहम्मद’ पोस्टर विवाद के बाद हाई अलर्ट के बीच आज जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। प्रशासन की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। शहर को चार सुपर जोन और चार स्पेशल जोन में बांटा गया था, जहां 8,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी (पुलिस, PAC और RAF) तैनात थे। ड्रोन से हवाई निगरानी की गई, और 48 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं निलंबित रहीं। पड़ोसी जिलों – शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं – को भी हाई अलर्ट पर रखा गया था।
पिछले शुक्रवार (26 सितंबर) को इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के आह्वान पर ‘आई लव मुहम्मद’ प्रदर्शन के दौरान पुलिस पर पथराव और हिंसा हुई थी। अनुमति न मिलने पर भीड़ उग्र हो गई, जिसमें 81 से अधिक लोग गिरफ्तार हुए। आज की नमाज के बाद किसी तरह का जुलूस या प्रदर्शन नहीं निकाला गया। अल्लाह हजrat दरगाह के वरिष्ठ मौलवी मौलाना अहसान रजा खान ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी, और नमाज के बाद घर लौटने का निर्देश दिया था। SSP बरेली अनुराग आर्य ने कहा, “सभी मस्जिदों के आसपास फ्लैग मार्च किए गए। धार्मिक नेताओं से बातचीत कर शांति सुनिश्चित की गई। कोई उकसावे की कोशिश नहीं हुई।”
सुरक्षा इंतजामों में ड्रोन कैमरों से संवेदनशील इलाकों की निगरानी की गई, जबकि सुपर जोन में बंटे शहर के हर चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही। इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक बंद रहीं, जो दशहरा उत्सव और संभावित अफवाहों को रोकने के लिए था। डिविजनल कमिश्नर भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “हिंसा को फैलने से रोकने के लिए पड़ोसी जिलों में भी सतर्कता बरती गई।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही निर्देश दिए थे कि किसी भी उकसावे पर सख्त कार्रवाई हो। विपक्षी नेता असदुद्दीन ओवैसी ने विवाद पर टिप्पणी की थी, लेकिन आज की शांति से तनाव कम होने के संकेत मिले हैं।
