बरेली हिंसा पर ओवैसी का तीखा प्रहार: ‘आई लव मोदी’ कहना स्वीकार्य, लेकिन ‘आई लव मुहम्मद’ पर क्यों विवाद? – ‘देश को कहां ले जा रहे हो?’
बरेली हिंसा पर ओवैसी का तीखा प्रहार: ‘आई लव मोदी’ कहना स्वीकार्य, लेकिन ‘आई लव मुहम्मद’ पर क्यों विवाद? – ‘देश को कहां ले जा रहे हो?’
उत्तर प्रदेश के बरेली में “आई लव मुहम्मद” पोस्टर्स को लेकर भड़की हिंसा के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सवाल उठाया कि देश में “आई लव मोदी” कहना तो सामान्य माना जाता है, लेकिन पैगंबर मुहम्मद के प्रति प्रेम व्यक्त करने पर विवाद क्यों? ओवैसी ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि मुसलमानों की आस्था पर सवाल उठाना असहिष्णुता को बढ़ावा दे रहा है।
शुक्रवार को हैदराबाद के शेखपेट में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा, “इस देश में ‘आई लव मोदी’ कह सकते हो, लेकिन ‘आई लव मुहम्मद’ पर विवाद हो जाता है। अगर कोई ‘आई लव मोदी’ कहे तो मीडिया भी खुश हो जाती है, लेकिन ‘आई लव मुहम्मद’ कहने पर आपत्ति क्यों? अगर मैं मुसलमान हूं, तो मुहम्मद के कारण ही हूं। मुसलमान की आस्था तब पूरी होती है जब वह पैगंबर से सबसे ज्यादा प्यार करे। यह प्यार हिंसा को कैसे बढ़ावा देता है? आप देश को कहां ले जा रहे हो?” उन्होंने यह भी कहा कि 17 करोड़ मुसलमानों ने आजादी की लड़ाई लड़ी, लेकिन आज उनकी आस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
बरेली में हिंसा की शुरुआत 26 सितंबर को हुई, जब जुमे की नमाज के बाद अल्लाह हजrat दरगाह के पास “आई लव मुहम्मद” के पोस्टर्स और प्लेकार्ड्स के साथ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस पर पथराव किया। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के आह्वान पर 1,000 से अधिक लोग इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारी कलेक्टर कार्यालय तक मार्च करना चाहते थे, लेकिन अनुमति न मिलने पर बवाल हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का सहारा लिया, जिसमें 10 पुलिसकर्मी घायल हुए।
इस घटना का मूल कांपुर से जुड़ा है। 4 सितंबर को बारावफात जुलूस के दौरान सड़क पर “आई लव मुहम्मद” बोर्ड लगाए गए थे, जिस पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। कांपुर पुलिस ने 9 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। इसे “नया ट्रेंड” बताते हुए उकसावे का आरोप लगाया गया। AIMIM प्रमुख ओवैसी ने पहले ही कहा था, “प्यार व्यक्त करना अपराध नहीं। अगर ‘आई लव महादेव’ ग्रुप है तो क्या समस्या? यह धार्मिक स्वतंत्रता का मामला है।”
हिंसा के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए। 72 से अधिक गिरफ्तारियां हुईं, जिनमें तौकीर रजा खान के कई सहयोगी शामिल हैं। बरेली डिवीजन के चार जिलों में 48 घंटे के लिए इंटरनेट और एसएमएस सेवाएं निलंबित कर दी गईं। दशहरा और जुमे की नमाज को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया, ड्रोन से निगरानी हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंसा की निंदा की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बरेली SSP अनुराग आर्य ने कहा, “यह सुनियोजित साजिश थी, जो राज्य के विकास को बाधित करने का प्रयास था।”
विवाद अब यूपी से बाहर फैल चुका है। मुरादनगर, मुरादाबाद, वाराणसी, मऊ, सितापुर, बरेली के अलावा उत्तराखंड, गुजरात, कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र में भी “आई लव मुहम्मद” अभियान से जुड़े प्रदर्शन हुए। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को बरेली जाने से रोक दिया गया और हाउस अरेस्ट कर लिया गया। ओवैसी ने संबल मस्जिद विवाद का भी जिक्र किया, जहां मस्जिदें “छीनी जा रही हैं”। उन्होंने कहा, “हम हिंसा की निंदा करते हैं, लेकिन आस्था पर हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकता है, खासकर बिहार चुनावों के बीच। अल्लाह हजरत दरगाह के वरिष्ठ मौलवी ने मुसलमानों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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