Monday, September 7, 2026
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नशे में धुत SHO ने कई वाहनों को मारी टक्कर, बाल-बाल बचे लोग, आरोपी सस्पेंड

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। राजपुर थाने के SHO (स्टेशन हाउस ऑफिसर) इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने शराब के नशे में धुत होकर अपनी सरकारी गाड़ी से कई निजी वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक महिला की कार को भारी नुकसान पहुंचा, जिसके बाद उन्होंने SHO से नई गाड़ी की मांग कर डाली। वीडियो वायरल होने के बाद SSP ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, जबकि SHO को निलंबित कर दिया गया है।

घटना देर रात करीब 11 बजे राजपुर रोड पर हुई, जब SHO राजेश कुमार ड्यूटी से लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे अपनी बोलेरो गाड़ी (नंबर UK06G 1234) चला रहे थे और शराब के नशे में थे। अचानक उनकी गाड़ी अनियंत्रित हो गई और सड़क पर खड़ी एक स्विफ्ट कार, एक बाइक और एक स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। सबसे ज्यादा नुकसान एक 32 वर्षीय महिला प्रिया शर्मा की कार को हुआ, जो पार्किंग में खड़ी थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

महिला प्रिया, जो एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं, ने बताया, “मैं अपनी कार पार्क करके घर आ रही थी। अचानक जोरदार आवाज आई और देखा तो मेरी कार टूट-फूट रही है। आरोपी ने गाड़ी से उतरकर गालियां दीं और भागने की कोशिश की। जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने अपनी पहचान बताई—’मैं SHO हूं, चुप रहो वरना मुश्किल हो जाएगी।'” प्रिया ने न केवल FIR दर्ज कराई, बल्कि सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर नई गाड़ी की मांग की। उन्होंने कहा, “मेरी कार का इंश्योरेंस कवरेज कम है, पूरी मरम्मत में लाखों लगेंगे। कम से कम नई गाड़ी तो दें, क्योंकि यह पुलिस की लापरवाही से हुआ।”

मौके पर पहुंची पुलिस ने SHO को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में उनका अल्कोहल लेवल 120 मिलीग्राम/100 मिलीलीटर पाया गया, जो सीमा से कहीं ज्यादा है। SSP जनक राज दास ने बताया, “SHO के रवैये से विभाग की छवि खराब हुई है। उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया गया है और विभागीय जांच शुरू हो गई है। हादसे में घायल हुए दो लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।” प्रिया की शिकायत पर IPC की धारा 279 (लापरवाह ड्राइविंग), 337 (चोट पहुंचाना) और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है।

यह घटना देहरादून में बढ़ते ड्रंक एंड ड्राइव के मामलों को उजागर करती है। जनवरी से मई 2025 तक पुलिस ने 4,000 से ज्यादा चालान काटे, लेकिन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कम ही होती है। विपक्षी नेताओं ने इसे “पुलिस का दुरुपयोग” बताते हुए मुख्यमंत्री से जांच की मांग की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पुलिसकर्मियों के लिए सख्त नियम और नियमित चेकिंग जरूरी है। फिलहाल, प्रिया की मांग पर क्या फैसला होता है, यह जांच रिपोर्ट पर निर्भर करेगा।

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