दुर्गा पंडाल में ‘काबा-मदीना’ गीत पर ममता को क्यों घेर रही BJP? हिंदू भावनाओं का अपमान और तुष्टिकरण का आरोप
दुर्गा पंडाल में ‘काबा-मदीना’ गीत पर ममता को क्यों घेर रही BJP? हिंदू भावनाओं का अपमान और तुष्टिकरण का आरोप
पश्चिम बंगाल में नवरात्रि की धूम के बीच एक दुर्गा पूजा पंडाल में ‘मेरे दिल में काबा है और आंखों में मदीना है’ जैसे बोल वाले गीत के गाए जाने ने सियासी बवाल मचा दिया है। कोलकाता के भवानीपुर 75 पल्ली दुर्गा पूजा पंडाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उद्घाटन के दौरान TMC विधायक मदन मित्रा ने यह गीत गाया, तो ममता ने तालियां बजाकर इसका स्वागत किया। भाजपा ने इसे सनातन धर्म का अपमान और मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति करार देते हुए ममता पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि जब पूरा देश मां दुर्गा की उपासना में लीन है, तब हिंदू पवित्र स्थान पर इस्लामी प्रतीकों का जिक्र आहत करने वाला है। यह विवाद इंडिया गठबंधन की ‘सांस्कृतिक तुष्टिकरण’ की राजनीति को उजागर कर रहा है।
घटना की पूरी कहानी: उद्घाटन से बवाल तक
27 सितंबर को कोलकाता के भवानीपुर इलाके में स्थित इस दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन ममता बनर्जी ने किया। कार्यक्रम के दौरान TMC के वरिष्ठ नेता और विधायक मदन मित्रा मंच पर चढ़े और उन्होंने ‘मेरे दिल में काबा है और आंखों में मदीना है’ गीत गाया, जो मूल रूप से इस्लामी भावनाओं से जुड़ा हुआ है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि ममता बनर्जी मंच पर बैठीं हुईं तालियां बजा रही हैं और उत्साहित नजर आ रही हैं। पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने यह प्रस्तुति हुई, जिसे TMC ने ‘समावेशी संस्कृति’ का प्रतीक बताया। लेकिन विपक्ष ने इसे हिंदू त्योहार के दौरान धार्मिक संवेदनशीलता का उल्लंघन माना।
चश्मदीदों और वीडियो के अनुसार, कार्यक्रम में सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद थे। मदन मित्रा ने गीत को ‘राग में’ गाकर प्रस्तुत किया, जिस पर ममता ने मुस्कुराते हुए ताली बजाई। TMC ने बचाव में कहा कि यह एक सांस्कृतिक प्रदर्शन था, जो बंगाल की ‘गंगा-जमुनी तहजीब’ को दर्शाता है। लेकिन भाजपा ने इसे ‘साजिश’ करार दिया।
भाजपा का हमला: तुष्टिकरण और सनातन विरोधी एजेंडा
भाजपा ने इस घटना को पकड़ते हुए ममता बनर्जी और TMC पर जोरदार प्रहार किया। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, “नवरात्रि के पावन समय में, जब करोड़ों हिंदू मां दुर्गा की आराधना कर रहे हैं, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री की मौजूदगी में दुर्गा पंडाल में ‘काबा-मदीना’ गीत गाया जाना सनातन संस्कृति का अपमान है। यह कट्टरपंथी तुष्टिकरण की राजनीति का गहरा साया है।” उन्होंने ममता से सवाल किया कि क्या यह इंडिया गठबंधन का सनातन को समाप्त करने का प्रयास है? त्रिवेदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया, जिन्होंने राम मंदिर का उद्घाटन न करने का फैसला लिया था, लेकिन ‘बिना बुलाए’ दुर्गा पंडाल में आकर इस्लामी प्रतीकों का समर्थन कर रही हैं।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर लिखा, “मां दुर्गा की मूर्ति के सामने काबा-मदीना का गान? ममता बनर्जी की तालियां सनातनी भावनाओं को ठेस पहुंचा रही हैं।” भाजपा का आरोप है कि ममता हिंदू त्योहारों को टारगेट कर रही हैं—पहले पितृपक्ष में दुर्गा पूजा पंडालों का उद्घाटन, अब यह घटना। पार्टी ने इसे ‘हिंदू-विरोधी साजिश’ बताते हुए बंगाल में हिंदू समुदाय की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
TMC का बचाव: समावेशी संस्कृति की मिसाल
TMC ने पलटवार करते हुए कहा कि यह सांस्कृतिक समावेश का उदाहरण है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “बंगाल हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक रहा है। गीत में कोई आपत्तिजनक बात नहीं, भाजपा सांप्रदायिक ध्रुवीकरण कर रही है।” मदन मित्रा ने खुद सफाई दी कि यह एक भक्ति राग था, जो सभी धर्मों के प्रति सम्मान दर्शाता है। ममता बनर्जी ने अभी तक व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं की, लेकिन उनके करीबी ने इसे ‘भाजपा का हिंदू कार्ड’ बताया।
ममता की हिंदुत्व राजनीति पर पुराने विवाद
यह पहली बार नहीं है जब ममता पर हिंदू त्योहारों से खिलवाड़ का आरोप लगा हो। भाजपा का कहना है कि ममता ने कई बार हिंदू आस्था को नजरअंदाज किया—जैसे दीघा में जगन्नाथ मंदिर का लोकार्पण कर हिंदुत्व को चुनौती देना, लेकिन राम मंदिर निमंत्रण ठुकराना। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विवाद बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले सियासी ध्रुवीकरण को तेज कर सकता है।
भाजपा की यह रणनीति साफ है—ममता की ‘सेकुलर’ छवि को चुनौती देकर हिंदू वोट बैंक को मजबूत करना। क्या यह विवाद बंगाल की सियासत को नया मोड़ देगा? कमेंट्स में अपनी राय शेयर करें।
