नूंह में चोरों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला: ग्रामीणों ने लाठियों से पीटा, 6 जवान घायल, आरोपी को छुड़ाया
नूंह में चोरों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला: ग्रामीणों ने लाठियों से पीटा, 6 जवान घायल, आरोपी को छुड़ाया
हरियाणा के नूंह जिले के बड़वा गांव में चोरों के गिरोह को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला बोल दिया। रात करीब 11 बजे हुई इस घटना में महिलाओं ने आगे आकर पुलिसवालों को लात-घूंसे मारे, वर्दी फाड़ी और आरोपी को जबरन छुड़ा लिया। हमले में 6 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जिनमें 2 की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है, लेकिन आरोपी फरार हैं। यह घटना नूंह के तनावपूर्ण इलाके में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, जहां पहले भी पुलिस पर हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।
घटना की पूरी कहानी: रात के अंधेरे में मचा हाहाकार
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बड़वा गांव में 31 जनवरी को हुए झगड़े के आरोपी सफी (एक कुख्यात चोर) घर पर छिपा है। नूंह पुलिस की तीन गाड़ियों में सवार टीम रविवार रात 11 बजे गांव पहुंची और सफी को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी। तभी 5-6 ग्रामीणों ने हमला कर दिया। उन्होंने महिलाओं को आगे किया, जो चिल्लाने लगीं और पुलिस पर लाठियां-डंडे चलाने लगीं। चश्मदीदों के अनुसार, ग्रामीणों ने चीखें मचाईं—”पुलिस को मारो, आरोपी को छुड़ाओ!”—जिससे अफरा-तफरी मच गई।
पुलिसकर्मियों ने विरोध किया, लेकिन संख्या में कम होने से वे पीटे गए। आरोपी सफी को ग्रामीणों ने घसीटकर छुड़ा लिया और फरार हो गया। हमलावरों ने पुलिस की गाड़ी पर भी पथराव किया। घायल जवानों को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद 2 को फरीदाबाद रेफर किया गया। नूंह SP ने बताया, “यह संगठित हमला था। महिलाओं का इस्तेमाल ढाल के रूप में किया गया। हम छापेमारी बढ़ा रहे हैं।”
हमले के पीछे की साजिश: चोरी का गैंग और पुरानी दुश्मनी
जांच में सामने आया कि सफी चोरी के एक बड़े गिरोह का सरगना है, जो नूंह-फरीदाबाद इलाके में सक्रिय है। 31 जनवरी को हुए झगड़े में वह मुख्य आरोपी था, जहां चोरी के माल को बेचने का रैकेट फूटा था। ग्रामीणों ने उसे बचाने के लिए पहले से प्लानिंग की थी। एक पूर्व घटना की याद दिलाती यह घटना—2023 में भी नूंह के गोकुलपुर में चोरी के वाहन खरीदने वाले गैंग को पकड़ने गई फरीदाबाद CIA टीम पर 50-60 लोगों ने हमला किया था, जिसमें 6 जवान घायल हुए थे। वहां भी आरोपी के भाई जहीर ने लाठी-डंडों से हमला करवाया था।
पुलिस ने IPC की धारा 186 (लोक सेवक को रोकना), 332 (चोट पहुंचाना), 353 (ड्यूटी में बाधा) और 149 (आपराधिक साजिश) के तहत 12 नामजद और अज्ञात ग्रामीणों पर केस दर्ज किया। आरोपी सफी पर 5-6 पुराने चोरी के केस चल रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई: छापेमारी और अलर्ट
घटना के बाद नूंह पुलिस ने पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया। SP वरुण सिंगला ने कहा, “हम फरार आरोपियों को जल्द दबोचेंगे। नूंह संवेदनशील इलाका है, इसलिए फोर्स बढ़ाई जा रही है।” ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस “बिना वारंट” आई थी, लेकिन पुलिस ने इसे झूठा बताया। यह घटना 2023 की नूंह हिंसा की याद दिला रही है, जब सांप्रदायिक तनाव में पुलिस पर पथराव हुआ था।
प्रभाव: इलाके में तनाव, सुरक्षा पर सवाल
घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों में रोष है। एक जवान की पत्नी ने कहा, “ये लोग कानून को चुनौती दे रहे हैं। हमें न्याय चाहिए।” नूंह, जो मेवात के नाम से जाना जाता है, पहले भी पुलिस-ग्रामीण संघर्ष का गवाह रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण इलाकों में मुखबिर तंत्र मजबूत करने की जरूरत है।
