उत्तराखंड

उत्तराखंड पेपर लीक केस: मुख्य आरोपी खालिद की दुकान पर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण ध्वस्त – सीएम धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर

उत्तराखंड पेपर लीक केस: मुख्य आरोपी खालिद की दुकान पर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण ध्वस्त – सीएम धामी की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी खालिद मलिक की दुकान पर बुलडोजर चल गया। हरिद्वार विकास प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जेसीबी मशीनों के साथ खालिद के लक्सर इलाके स्थित दुकान पर पहुंचकर अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई अवैध निर्माण के आधार पर की गई, लेकिन इसे पेपर लीक मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे ‘नकल जिहाद’ करार देते हुए सख्त कार्रवाई का ऐलान किया है, जिससे राज्य में सनसनी फैल गई है।

बुलडोजर एक्शन का पूरा विवरण: अवैध निर्माण पर चली कार्रवाई

हरिद्वार जिला प्रशासन ने बताया कि खालिद मलिक की दुकान में कई अवैध संरचनाएं पाई गईं, जिन्हें पिछले कई महीनों से नोटिस दिया जा चुका था। बुलडोजर एक्शन गुरुवार सुबह शुरू हुआ, जिसमें दुकान का एक हिस्सा पूरी तरह जमींदोज हो गया। खालिद की दुकान, जो इलेक्ट्रॉनिक्स या छोटे सामान की बिक्री से जुड़ी थी, अब जांच के दायरे में है। प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई, लेकिन पेपर लीक केस से जुड़े होने के कारण इसे सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। खालिद की गिरफ्तारी के बाद यह पहला बड़ा एक्शन है, जो राज्य सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दर्शाता है।

पेपर लीक का कनेक्शन: खालिद की साजिश नाकाम, लेकिन विवाद बढ़ा

21 सितंबर को हरिद्वार के आदर्श बाल सदान इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर UKSSSC परीक्षा के दौरान खालिद ने परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद पर्यवेक्षक से अनुमति लेकर वॉशरूम जाकर प्रश्न पत्र के तीन पेजों की फोटो खींची।

इन्हें उसने अपनी बहन सबिया मलिक को भेजा, जिन्होंने आगे असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को फॉरवर्ड किया। सुमन ने 12 सवालों के जवाब भेजे, लेकिन खालिद को दोबारा बाहर जाने की अनुमति न मिलने से वह सफल न हो सका।

पुलिस ने खालिद, सबिया और उनकी दूसरी बहन हिना के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम 2023 की धाराओं के तहत FIR दर्ज की। खालिद 23 सितंबर को लक्सर से गिरफ्तार हुआ।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “पेपर लीक असफल रहा, लेकिन साजिशकर्ता अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। हम नकल माफिया को जड़ से उखाड़ फेंकेंगे।” उन्होंने SIT गठित करने और CBI जांच की मांग पर विचार करने का ऐलान किया।

अन्य कार्रवाइयां: सुमन समेत चार निलंबित, दो गिरफ्तार

पेपर लीक मामले में अब तक चार लोग निलंबित हो चुके हैं—सुमन चौहान, सेक्टर मजिस्ट्रेट कैलाश नाथ तिवारी और दो पुलिसकर्मी। STF ने पंकज गौर और हाकम सिंह को भी गिरफ्तार किया, जो उम्मीदवारों से 12-15 लाख वसूल रहे थे। हाकम सिंह 2021 के UKSSSC लीक में पहले भी पकड़ा गया था।

UKSSSC चेयरमैन गणेश सिंह मार्टोलिया ने कहा कि जामर लगे होने के बावजूद फोटो कैसे ली गई, इसकी जांच हो रही है।

छात्र आंदोलन: CBI जांच और परीक्षा रद्द की मांग तेज

देहरादून के परेड ग्राउंड पर सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। वे CBI जांच, परीक्षा रद्द करने और सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने इसे ‘सिस्टम की नाकामी’ बताया, जबकि BJP ने ‘साजिश’ का आरोप लगाया। देहरादून में धारा 144 लागू है।

यह बुलडोजर एक्शन उत्तराखंड में परीक्षा घोटालों के खिलाफ सरकार की सख्ती का प्रतीक है। क्या CBI जांच होगी? SIT रिपोर्ट पर नजरें टिकी हैं।

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