राजनीति

केशव मौर्य को मिली नई जिम्मेदारी: बिहार चुनाव में सह-प्रभारी बनाए गए, ओबीसी वोटरों पर होगा फोकस

केशव मौर्य को मिली नई जिम्मेदारी: बिहार चुनाव में सह-प्रभारी बनाए गए, ओबीसी वोटरों पर होगा फोकस

बिहार विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपनी रणनीति को मजबूत करते हुए केंद्रीय स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को बिहार चुनाव का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति पार्टी के ओबीसी वोट बैंक को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक कदम मानी जा रही है, क्योंकि मौर्य कुशवाहा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जो बिहार में महत्वपूर्ण वोटर आधार है। मौर्य अब केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के नेतृत्व में चुनावी तैयारियों में अहम भूमिका निभाएंगे।

बीजेपी की चुनावी रणनीति: धर्मेंद्र प्रधान प्रभारी, मौर्य और पाटिल सह-प्रभारी

बीजेपी ने गुरुवार को अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में बिहार चुनाव के लिए वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपीं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को मुख्य प्रभारी बनाया गया है, जबकि गुजरात बीजेपी प्रमुख सीआर पाटिल और यूपी डिप्टी सीएम केशव मौर्य को सह-प्रभारी की भूमिका दी गई है। यह फैसला बिहार में एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) की एकजुटता को मजबूत करने और महागठबंधन के खिलाफ कड़ा मुकाबला करने के उद्देश्य से लिया गया है।

सूत्रों के अनुसार, मौर्य की नियुक्ति से बीजेपी बिहार के ओबीसी और पिछड़े वर्गों पर विशेष फोकस करेगी। मौर्य ने पहले ही प्रयागराज में बिहार चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि एनडीए की जीत तय है और कांग्रेस-राजद गठबंधन को जनता सबक सिखाएगी। उनकी यह जिम्मेदारी यूपी चुनावों में उनकी सफल रणनीति का विस्तार है, जहां उन्होंने संगठन को मजबूत किया था।

बिहार चुनाव का परिदृश्य: एनडीए vs महागठबंधन
बिहार में 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव अगले कुछ महीनों में होने वाले हैं। 2020 के चुनावों में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए ने बहुमत हासिल किया था, लेकिन इस बार महागठबंधन (आरजेडी, कांग्रेस और अन्य) ने चुनौती पेश की है। बीजेपी का दावा है कि विकास, गरीबी उन्मूलन और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों पर एनडीए आगे रहेगा। मौर्य की भूमिका से पार्टी को यूपी-बिहार के बीच समन्वय में भी मदद मिलेगी, खासकर सीमावर्ती इलाकों में।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “केशव मौर्य का अनुभव और जमीन से जुड़ाव बिहार में बीजेपी की पहुंच बढ़ाएगा। यह ओबीसी एकता का संदेश भी देगा।” इसी तरह, पश्चिम बंगाल चुनाव के लिए केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव को प्रभारी बनाया गया है, जो तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ पार्टी की रणनीति को तेज करेगा।

प्रतिक्रियाएं: पार्टी में उत्साह, विपक्ष का तंज
बीजेपी कार्यकर्ताओं में इस फैसले को लेकर उत्साह है। जहां मौर्य की नियुक्ति को “ओबीसी एम्पावरमेंट” बताया जा रहा है। वहीं, विपक्षी दलों ने इसे “पुरानी रणनीति का पुनरावलोकन” करार दिया है। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट किया, “बीजेपी फिर वोटबैंक की राजनीति कर रही है, लेकिन बिहार की जनता सब समझती है।”

यह नियुक्ति बीजेपी की 2025 चुनावी तैयारियों का हिस्सा है, जो लोकसभा चुनावों के बाद राज्य स्तर पर फोकस कर रही है। मौर्य की नई भूमिका न केवल बिहार बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय स्तर पर संगठन विस्तार को भी मजबूत करेगी। क्या यह कदम एनडीए को फिर से सत्ता की कुर्सी दिला पाएगा? आने वाले दिनों में साफ होगा।

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