उत्तराखंड

UKSSSC पेपर लीक मामला: प्रश्न पत्र हल करने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन निलंबित, सरकार की सख्त कार्रवाई से छात्रों में नाराजगी कम नहीं

UKSSSC पेपर लीक मामला: प्रश्न पत्र हल करने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन निलंबित, सरकार की सख्त कार्रवाई से छात्रों में नाराजगी कम नहीं

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के ग्रेजुएट लेवल भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। टिहरी गढ़वाल के राजकीय महाविद्यालय, अगरोड़ा में इतिहास विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को निलंबित कर दिया गया है। सुमन पर परीक्षा के दौरान लीक हुए प्रश्न पत्र के 12 सवालों का जवाब देने का आरोप है, जो उन्हें व्हाट्सएप पर भेजे गए थे। यह निलंबन तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे ‘नकल जिहाद’ करार देते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच की मांग की है, जबकि छात्र संगठन परीक्षा रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं।

पेपर लीक का पूरा मामला: परीक्षा केंद्र से शुरू हुई साजिश

21 सितंबर को हरिद्वार के आदर्श बाल सदान इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर आयोजित UKSSSC ग्रेजुएट लेवल परीक्षा के दौरान मुख्य आरोपी खालिद मलिक ने परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद पर्यवेक्षक से अनुमति लेकर बाहर जाकर वॉशरूम में प्रश्न पत्र के तीन पेजों की फोटो खींची।<

खालिद ने ये फोटोज अपनी बहन सबिया मलिक को भेजीं, जिन्होंने उन्हें आगे सुमन को फॉरवर्ड किया। सुमन ने परीक्षा चल रही होने के बावजूद 12 सवालों के जवाब भेजे, ताकि खालिद को फायदा हो सके।

पुलिस ने खालिद, सबिया और उनकी दूसरी बहन हिना के खिलाफ उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम और उपचार) अधिनियम 2023 की धारा 11(1), 11(2) और 12(2) के तहत FIR दर्ज की है।

खालिद को 23 सितंबर को गिरफ्तार किया गया, जबकि सबिया पहले ही हिरासत में थी। सुमन ने जवाब भेजने के बाद युवा नेता बॉबी पंवार को सूचित किया था, लेकिन साजिश को रोकने की कोई कोशिश नहीं की।

सरकार की कार्रवाई: सुमन समेत चार पर निलंबन, दो पुलिसकर्मी भी निशाने पर

उत्तराखंड सरकार ने पेपर लीक मामले में अब तक चार लोगों पर कार्रवाई की है। सुमन के अलावा सेक्टर मजिस्ट्रेट कैलाश नाथ तिवारी, और दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया।इसके अलावा, स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने 20 सितंबर को दो अन्य आरोपी पंकज गौर और हाकम सिंह को गिरफ्तार किया, जो उम्मीदवारों से 12-15 लाख रुपये ऐंठकर सफलता का वादा कर रहे थे। हाकम सिंह 2021 के UKSSSC पेपर लीक मामले में पहले भी गिरफ्तार हो चुका है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “नकल जिहाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा।” UKSSSC चेयरमैन गणेश सिंह मार्टोलिया ने इसे “एक व्यक्ति की मदद करने की साजिश” बताया और जामर लगे होने के बावजूद फोटो कैसे ली गईं, इसकी जांच पर जोर दिया।

छात्र आंदोलन: CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की मांग

पेपर लीक की खबर फैलते ही देहरादून के परेड ग्राउंड पर सैकड़ों छात्र सड़कों पर उतर आए। वे CBI जांच, परीक्षा रद्द करने और दोषियों को सख्त सजा की मांग कर रहे हैं। हाईकोर्ट के पर्यवेक्षण में CBI जांच की मांग तेज हो गई है। विपक्षी नेता हरक सिंह रावत ने कहा, “BJP नेता जैसे संजय पालीवाल, हाकम सिंह और सुमन ‘नकल जिहाद’ में लिप्त हैं।” देहरादून में धारा 144 लागू कर दी गई है।

यह घटना उत्तराखंड में परीक्षा घोटालों की पुरानी परंपरा को उजागर करती है। 2021 में भी UKSSSC परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं। पुलिस ने गैंग की संलिप्तता से इनकार किया है, लेकिन डिजिटल ट्रेल से साजिश साबित हो चुकी है।क्या परीक्षा रद्द होगी? CBI जांच पर नजरें टिकी हैं।

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