उत्तराखंड

UKSSSC पेपर लीक केस: मुख्य आरोपी खालिद को हरिद्वार से किया गिरफ्तार, बहन साबिया के बाद अब मास्टरमाइंड पर शिकंजा

UKSSSC पेपर लीक केस: मुख्य आरोपी खालिद को हरिद्वार से किया गिरफ्तार, बहन साबिया के बाद अब मास्टरमाइंड पर शिकंजा

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्रुप C भर्ती परीक्षा के पेपर लीक मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया। मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड खालिद मलिक को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया गया है। खालिद की बहन साबिया खालिद को पहले ही हिरासत में लिया जा चुका था। पुलिस के अनुसार, खालिद ने परीक्षा केंद्र से ही प्रश्नपत्र के तीन पेजों की फोटो खींचकर व्हाट्सएप के जरिए बाहर भेजे थे, जिससे सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। यह गिरफ्तारी परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करने वाली घटना के बाद हुई, जिसने युवाओं में आक्रोश फैला दिया।

घटना 22 सितंबर को हरिद्वार के बहादुरपुर जाट स्थित आदर्श बाल साधन इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर घटी। परीक्षा सुबह 11 बजे शुरू हुई, और मात्र 35 मिनट बाद यानी 11:35 बजे पेपर के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। पुलिस जांच में पता चला कि खालिद ने मोबाइल जामर के बावजूद फोन का इस्तेमाल कर पेपर की फोटो अपनी बहन साबिया को भेजी। साबिया ने फिर टिहरी गढ़वाल की एक प्रोफेसर सुमन को भेजा, जिनसे उत्तर प्राप्त करने की कोशिश की गई। हरिद्वार एसएसपी प्रेमेंद्र डोबाल ने बताया, “खालिद परीक्षा देने आया था, लेकिन उसने सेंटर के अंदर ही पेपर की फोटो क्लिक की। साबिया को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, और अब खालिद को भी गिरफ्तार कर लिया गया। कोई संगठित गिरोह नहीं, लेकिन सेंटर स्टाफ की लापरवाही की जांच चल रही है।”

कॉलेज का स्वामित्व बीजेपी के हरिद्वार जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर धर्मेंद्र चौहान के पास है, जो परीक्षा दिवस सेंटर एडमिनिस्ट्रेटर भी थे। पुलिस ने कॉलेज प्रिंसिपल धर्मेंद्र चौहान और स्टाफ से पूछताछ की। चौहान ने सफाई दी, “हमने मोबाइल जामर लगाए थे, लेकिन खालिद ने चोरी-छिपे फोन इस्तेमाल किया। हम जांच में सहयोग कर रहे हैं।” यूकेएसएससी ने भी शिकायत दर्ज कराई है। डीजीपी दीपम सेठ ने कहा, “तीन टीमें—देहरादून, हरिद्वार और एसटीएफ—जांच कर रही हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”

यह घटना 21 सितंबर को दो अन्य गिरफ्तारियों के बाद हुई, जब पंकज गौर और हाकम सिंह को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठने के आरोप में पकड़ा गया। हाकम सिंह 2021 के पेपर लीक के मास्टरमाइंड रह चुके हैं। यूथ कांग्रेस और उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने देहरादून में विरोध प्रदर्शन किया, जहां धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लगानी पड़ी। यूथ कांग्रेस के साजेंद्र कठैत ने कहा, “सरकार परीक्षाओं को निष्पक्ष बनाने में नाकाम रही। युवाओं का भविष्य दांव पर है।” विपक्षी नेता यशपाल आर्य ने हाकम सिंह की बेल पर सवाल उठाए।

विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार लीक से भर्ती प्रक्रिया पर संदेह बढ़ रहा है। एसआईटी ने खालिद के फोन और कॉल रिकॉर्डिंग की जांच शुरू कर दी है। नवरात्रि के बीच यह घटना राज्य में आंदोलनों को हवा दे सकती है। पुलिस ने अपील की कि युवा शांत रहें, जांच पूरी होने पर कार्रवाई होगी।

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