उत्तराखंड

उत्तराखंड कैबिनेट के प्रमुख निर्णय: कृषि क्रांति से लेकर शिक्षा और आवास तक, किसानों-युवाओं के लिए राहत पैकेज

उत्तराखंड कैबिनेट के प्रमुख निर्णय: कृषि क्रांति से लेकर शिक्षा और आवास तक, किसानों-युवाओं के लिए राहत पैकेज

उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जो कृषि, शिक्षा, आवास और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों को सगंध फसलों के लिए अनुदान, शैक्षिक टीवी चैनलों के लिए नए पदों का सृजन और विवाह अनुदान योजनाओं में वृद्धि जैसे कदम उठाए गए। इन निर्णयों से राज्य के लाखों लाभार्थियों को सीधी लाभ मिलेगा, जो आर्थिक और सामाजिक विकास को गति देंगे। आइए जानें प्रमुख फैसलों की झलक:

01 – कृषि एवं कृषि कल्याण विभाग: कैबिनेट ने ‘उत्तराखंड महक क्रांति नीति 2026-2036’ को मंजूरी दी। इस नीति के तहत पहले चरण में 91 हजार लाभार्थियों के माध्यम से 22,750 हेक्टेयर भूमि को सगंध फसलों (जैसे लैवेंडर, रोजमेरी) से आच्छादित करने का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को प्रति हेक्टेयर खेती पर 80% तक और इससे अधिक क्षेत्र पर 50% अनुदान मिलेगा। यह नीति पहाड़ी क्षेत्रों में वैकल्पिक कृषि को बढ़ावा देगी, जिससे किसानों की आय दोगुनी होने की उम्मीद है। विभाग ने बताया कि इससे राज्य में रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

02 – विद्यालयी शिक्षा विभाग: राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) उत्तराखंड के तहत पीएम ई-विद्या कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए स्टूडियो सुविधाओं को मजबूत करने हेतु 8 नए पद सृजित किए गए। इनमें संयुक्त निदेशक (पदेन)-1, उप निदेशक (पदेन)-1, सहायक निदेशक (पदेन)-1, प्रवक्ता/चैनल समन्वयक (पदेन)-1, स्टूडियो इंजीनियर (आउटसोर्स)-1, स्टूडियो तकनीकी सहायक (आउटसोर्स)-1, कंप्यूटर ऑपरेटर (आउटसोर्स)-1 और MTS/चतुर्थ श्रेणी (आउटसोर्स)-1 शामिल हैं। इन पदों पर वार्षिक व्ययभार लगभग 10.56 लाख रुपये होगा। वर्तमान में 5 फ्री शैक्षिक टीवी चैनलों का प्रसारण हो रहा है, जो दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को लाभ पहुंचा रहा है।

03 – आवास विभाग: प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्राम बागवाला, तहसील रुद्रपुर (उधम सिंह नगर) में जिलास्तरीय विकास प्राधिकरण द्वारा निम्न आय वर्ग के लिए 1,872 किफायती आवासों का निर्माण चल रहा है। परियोजना की डिजाइन में बदलाव से अतिरिक्त व्यय 27.85 करोड़ रुपये (2,785.07 लाख) हो गया, जिसे राज्य सरकार वहन करेगी। इससे गरीब परिवारों को मजबूत और आधुनिक घर मिलेंगे, जो योजना के उद्देश्यों को पूरा करेंगे।

04 – बेसिक शिक्षा विभाग: सुप्रीम कोर्ट के निर्णयानुसार ‘उत्तराखंड राजकीय प्रारंभिक शिक्षा (अध्यापक) (संशोधन) सेवा नियमावली’ में संशोधन किया गया। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) के प्रावधान जोड़े गए। साथ ही, सहायक अध्यापक प्राथमिक के पद पर नियुक्ति के लिए अर्हताओं में 1 सितंबर 2017 से 31 मार्च 2019 के बीच NIOS द्वारा ODL माध्यम से कराए गए D.El.Ed प्रशिक्षण को शामिल किया गया। इससे हजारों सेवारत शिक्षकों को मान्यता मिलेगी।

05 – समाज कल्याण विभाग: विभाग की विभिन्न विवाह अनुदान योजनाओं (जैसे SC/ST पुत्रियों की शादी, निराश्रित विधवाओं की पुत्रियों की शादी, परित्यक्ता महिलाओं की पुत्रियों के विवाह, अंतर्जातीय विवाह पुरस्कार और दिव्यांग युवक/युवती से विवाह प्रोत्साहन) में एकरूपता लाई गई। दिव्यांग युवक/युवती से विवाह पर मिलने वाली सहायता राशि 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई, जो अन्य योजनाओं के बराबर है। इससे सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।

06 – कारागार प्रशासन विभाग: उत्तराखंड कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवा विभाग के ढांचे का पुनर्गठन मंजूर। महिला प्रधान बंदीरक्षक के 2, महिला बंदीरक्षक के 22, अपर महानिरीक्षक कारागार (सुधारात्मक विंग)-1, रेसिडेंट मेडिकल ऑफिसर-1 और वैयक्तिक सहायक-1 पद सृजित। कारागार मुख्यालय में स्वच्छकार, माली और अधीनस्थ कारागारों में नाई, स्वच्छकारों की सेवाएं आउटसोर्स से ली जाएंगी। इससे सुधारात्मक सेवाओं में सुधार होगा।

ये निर्णय राज्य सरकार की ‘सबका साथ, सबका विकास’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “ये फैसले किसानों, शिक्षकों और गरीबों की भलाई के लिए हैं।” विपक्ष ने स्वागत किया, लेकिन कार्यान्वयन पर नजर रखने की बात कही। नवरात्रि के बीच ये घोषणाएं राज्यवासियों के लिए उत्साहवर्धक हैं।

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