LIVE: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण शुरू, न्यूजीलैंड और अंटार्कटिका में दिखा अद्भुत नजारा; भारत में रात का आकाश शांत
LIVE: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण शुरू, न्यूजीलैंड और अंटार्कटिका में दिखा अद्भुत नजारा; भारत में रात का आकाश शांत
21 सितंबर 2025 को साल का अंतिम सूर्य ग्रहण शुरू हो चुका है। यह आंशिक सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में लग रहा है, जो वैदिक ज्योतिष में पितृ विसर्जन अमावस्या के साथ मेल खाता है। अंतरराष्ट्रीय समय (UTC) के अनुसार, ग्रहण 17:29 UTC पर शुरू हो चुका है, जो भारत में रात 11 बजे (IST) से देर रात 3:23 बजे तक रहेगा। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, क्योंकि यह दक्षिणी गोलार्ध में केंद्रित है। न्यूजीलैंड, अंटार्कटिका और दक्षिण प्रशांत महासागर में सूर्योदय के साथ ही आंशिक ग्रहण का नजारा दिखना शुरू हो गया है, जहां चंद्रमा ने सूर्य के 86% तक हिस्से को ढक लिया। वैज्ञानिकों के अनुसार, यह ग्रहण ‘इक्विनॉक्स इक्लिप्स’ के नाम से जाना जा रहा है, जो शरद विषुव के ठीक एक दिन पहले हो रहा है।
LIVE अपडेट्स: न्यूजीलैंड के डुनेडिन शहर से लाइव स्ट्रीमिंग में सूर्योदय के साथ ग्रहण का दृश्य कैद हो गया। स्थानीय समयानुसार सुबह 6:27 बजे (NZST) सूर्योदय के दौरान चंद्रमा ने सूर्य को ‘काट’ लिया, और पीक पर 80% कवरेज दर्ज किया गया। अंटार्कटिका के शोध स्टेशन से वैज्ञानिकों ने बताया कि यहां 70-80% तक सूर्य ढका, जो दुर्लभ है। दक्षिण प्रशांत के द्वीपों पर मौसम साफ होने से पर्यटक और वैज्ञानिक उत्साहित हैं। टाइम एंड डेट की लाइव स्ट्रीमिंग से दुनिया भर के लाखों लोग इसे देख रहे हैं। कोई चोट की खबर नहीं, लेकिन सुरक्षा के लिए ISO 12312-2 प्रमाणित चश्मे का इस्तेमाल अनिवार्य बताया गया।
ग्रहण की शुरुआत UTC 17:29 पर हुई, जब चंद्रमा की छाया (पेनंब्रा) पृथ्वी पर पड़ी। अधिकतम ग्रहण UTC 19:41 पर होगा, जब चंद्रमा सूर्य के 86% हिस्से को ढकेगा। समाप्ति UTC 21:53 पर होगी। न्यूजीलैंड के साउथलैंड में 86% कवरेज सबसे ज्यादा है, जबकि फ्रेंच पॉलीनेशिया के पपेते में सूर्योदय पर मात्र 8% दिखेगा। ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी हिस्सों में हल्का ग्रहण दिखा, लेकिन मुख्य दृश्य न्यूजीलैंड और अंटार्कटिका में है। NASA के अनुसार, यह ग्रहण 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण है—पहला मार्च में आंशिक था।
भारत में यह रात्रि में होने के कारण दिखाई नहीं देगा, लेकिन ज्योतिषीय महत्व है। पंडितों का कहना है कि अमावस्या पर लगने से पितृ दोष निवारण के लिए तर्पण का फल बढ़ जाता है। हरिद्वार और अन्य तीर्थों पर श्रद्धालु तर्पण कर रहे हैं। वैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि ग्रहण के दौरान सूर्य को नंगी आंखों से न देखें, भले ही आंशिक हो। अगला सूर्य ग्रहण 2026 में होगा।
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