दिल्ली में गैंगवार की साजिश नाकाम: सनी साईं गिरोह के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, हथियार बरामद
दिल्ली में गैंगवार की साजिश नाकाम: सनी साईं गिरोह के दो शार्प शूटर गिरफ्तार, हथियार बरामद
राजधानी दिल्ली में गैंगवार की आग भड़कने से पहले ही दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बड़ा झटका दिया। सनी साईं गिरोह के दो कुख्यात शार्प शूटरों—सुखप्रीत उर्फ माफिया और शमशाद अली उर्फ पहलवान—को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों प्रतिद्वंद्वी गैंग पर हमले की साजिश रच रहे थे, जिससे शहर में खूनी संघर्ष भड़क सकता था। पुलिस ने उनके कब्जे से सोफिस्टिकेटेड हथियार भी बरामद किए, जो इस गिरोह की सक्रियता को उजागर करते हैं। यह कार्रवाई दिल्ली में संगठित अपराध पर लगाम कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
पुलिस के अनुसार, सनी साईं गिरोह लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय है। सुखप्रीत (25 वर्षीय, मूल रूप से पंजाब का निवासी) 2019 में जेल से रिहा होने के बाद सनी साईं के संपर्क में आया। उसका नाम निहाल विहार में एक बुककी की हत्या से जुड़ा है। वहीं, शमशाद अली (28 वर्षीय, उत्तर प्रदेश के निवासी) ने 2015 में एक्साइज वायलेशन से अपराध की दुनिया में कदम रखा। 2023 में गोल्ड बिस्किट लूट के मामले में गिरफ्तारी के बाद वह सनी साईं गिरोह से जुड़ गया। दोनों गिरफ्तारियां 20 सितंबर की रात को वेस्ट दिल्ली के एक गुप्त ठिकाने पर हुईं। मुखबिर की सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम ने छापा मारा, जहां दोनों हमले की योजना बना रहे थे।
अनक्वेरी में दोनों ने कबूल किया कि वे राइवल गैंग के सदस्यों पर फायरिंग करने वाले थे, ताकि क्षेत्रीय वर्चस्व कायम रहे। पुलिस ने उनके पास से दो पिस्टल, 12 जिंदा कारतूस और एक मैगजीन बरामद की। डीसीपी (क्राइम ब्रांच) धर्मेंद्र सिंह ने बताया, “यह गिरोह जेल से संचालित हो रहा है। हमारी टेक्निकल सर्विलांस और स्ट्रैटेजिक ऑपरेशन ने समय रहते साजिश नाकाम कर दी। आगे की जांच में और सदस्यों का पर्दाफाश होगा।” गिरफ्तारों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगी गई है।
दिल्ली में हालिया गैंगवार की घटनाओं—जैसे बंबीहा गैंग की फायरिंग या तिल्लू-गोगी गिरोह के संघर्ष—के बाद यह कार्रवाई राहत भरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि जेलों से निर्देशित अपराध बढ़ रहे हैं, इसलिए सख्त निगरानी जरूरी। क्या यह गिरफ्तारी सनी साईं गिरोह को कमजोर करेगी या नई साजिशें रचेंगी? पुलिस अलर्ट पर है, लेकिन शहरवासी सतर्क रहने को कहा जा रहा है।
