राजनीति

लालू परिवार में भूचाल: रोहिणी आचार्य का बड़ा कदम, तेजस्वी-आरजेडी को अनफॉलो कर कहा- ‘आत्मसम्मान सर्वोपरि’

लालू परिवार में भूचाल: रोहिणी आचार्य का बड़ा कदम, तेजस्वी-आरजेडी को अनफॉलो कर कहा- ‘आत्मसम्मान सर्वोपरि’

पटना: बिहार की राजनीति में सियासी भूचाल लाने वाले लालू प्रसाद यादव के परिवार में अब आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के करीबी सांसद संजय यादव को लेकर विवाद के बीच लालू की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर बड़ा कदम उठाया। उन्होंने तेजस्वी, पिता लालू, मां राबड़ी देवी, आरजेडी और 58 अन्य राजनीतिक नेताओं को अनफॉलो कर दिया। साथ ही, अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट को प्राइवेट कर लिया। रोहिणी का यह फैसला परिवार और पार्टी में दरार की पुष्टि करता नजर आ रहा है, खासकर 2025 बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले।

विवाद की जड़ तेजस्वी की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ है। यात्रा के दौरान तेजस्वी के वैनिटी वैन की अगली सीट—जो पारंपरिक रूप से नेता के लिए आरक्षित होती है—पर संजय यादव के बैठे दिखने की फोटो वायरल हो गई। आरजेडी समर्थक अलोक कुमार ने सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई, लिखा, “अगली सीट तो पार्टी के सर्वोच्च नेता की होती है। कोई खुद को इससे बड़ा समझे तो यह गंभीर मामला है।” रोहिणी ने इस पोस्ट को बिना कमेंट शेयर कर विवाद को हवा दी। बाद में उन्होंने संजय को “निम्न स्तर का व्यक्ति” कहा, लेकिन पोस्ट डिलीट कर लिया। 19 सितंबर को रोहिणी ने क्रिप्टिक पोस्ट लिखा: “मैंने एक बेटी व बहन के तौर पर अपना कर्तव्य एवं धर्म निभाया है और आगे भी निभाती रहूँगी। मुझे किसी पद की लालसा नहीं है, न मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा है। मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सर्वोपरि है।” इसके बाद उन्होंने परिवार और पार्टी से दूरी बना ली। सिंगापुर में रहने वाली रोहिणी, जो 2022 में पिता लालू को किडनी दान कर सुर्खियों में आईं, अब राजनीति से अलगाव की ओर इशारा कर रही हैं।

इस बीच, लालू के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव ने बहन का खुला समर्थन किया। आरजेडी से निष्कासित तेजप्रताप ने कहा, “रोहिणी ने जो किया, वह एक महिला, बेटी और बहन के रूप में सराहनीय है। अगर किसी ने मेरी बहन का अपमान किया तो मैं सुदर्शन चक्र चलाने से नहीं हिचकूंगा।” तेजप्रताप ने अपनी ‘टीम तेजप्रताप’ के जरिए चुनाव लड़ने की तैयारी की है, जो परिवार में और तनाव बढ़ा रहा है। विपक्षी दल जेडीयू ने इसे लपका। प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा, “रोहिणी ने पिता को किडनी दान की, अब उनका दर्द ट्वीट से व्यक्त हो रहा है। लालू को फैसला लेना चाहिए कि गलती किसकी है।”

आरजेडी ने अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि लालू परिवार में बैठक बुलाई जा सकती है। तेजस्वी की यात्रा जारी है, लेकिन यह पारिवारिक कलह पार्टी की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रही है। इंडिया गठबंधन में सीट बंटवारे के अंतिम चरण में यह विवाद आरजेडी के लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। क्या रोहिणी का यह कदम राजनीतिक विद्रोह का संकेत है या सिर्फ पारिवारिक नाराजगी? बिहार की सियासत में सबकी नजरें लालू परिवार पर टिकी हैं।

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