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ट्रंप और जिनपिंग की फोन पर अहम बातचीत: टिकटॉक डील पर मुहर, टैरिफ मुद्दे पर भी चर्चा

ट्रंप और जिनपिंग की फोन पर अहम बातचीत: टिकटॉक डील पर मुहर, टैरिफ मुद्दे पर भी चर्चा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच शुक्रवार को फोन पर हुई बातचीत ने वैश्विक व्यापारिक तनाव को कम करने की उम्मीद जगाई है। अप्रैल 2025 में ट्रंप की ‘लिबरेशन डे’ टैरिफ नीति से शुरू हुए व्यापार युद्ध के बीच यह पहली उच्चस्तरीय चर्चा थी, लेकिन हेडलाइन न्यूज टिकटॉक ऐप के भविष्य पर रही। दोनों नेताओं ने टिकटॉक के अमेरिकी ऑपरेशंस को यूएस-कंट्रोल्ड ओनरशिप में शिफ्ट करने के फ्रेमवर्क डील को अंतिम रूप दिया, जिससे ऐप पर लगने वाला बैन टल गया। ट्रंप ने इसे “युवा वोटर्स के लिए बड़ा तोहफा” बताया, जबकि जिनपिंग ने इसे “आर्थिक सहयोग का प्रतीक” कहा। हालांकि, टैरिफ कम करने और रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई पर भी सकारात्मक संकेत मिले।

यह कॉल जून 2025 के बाद दोनों नेताओं की पहली बातचीत थी, जो 90 मिनट चली। ट्रंप ने गुरुवार को कहा था, “मैं शुक्रवार को शी से बात करूंगा, टिकटॉक और व्यापार पर। हम सब कुछ पर डील के करीब हैं।” यूएस ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेन्ट और यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने मड्रिड में चीनी वाइस प्रीमियर हे लिफेंग के साथ चार दौर की बातचीत के बाद यह फ्रेमवर्क तैयार किया। डील के तहत, टिकटॉक के यूएस एसेट्स को अमेरिकी वेंचर कैपिटल फर्म्स, प्राइवेट इक्विटी फंड्स और टेक कंपनियों के कंसोर्टियम द्वारा खरीदा जाएगा। बाइटडांस (टिकटॉक की चीनी पैरेंट कंपनी) को माइनर स्टेक मिलेगा, लेकिन ऑपरेशनल कंट्रोल यूएस में होगा। यह डील नेशनल सिक्योरिटी कंसर्न्स को दूर करेगी, जो 2024 में ट्रंप के पहले टर्म से चली आ रही थी।

टिकटॉक, जिसके यूएस में 170 मिलियन यूजर्स हैं, को बैन से बचाने के लिए ट्रंप ने 15 सितंबर को एक्सटेंशन दिया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार, चीन के लिए टिकटॉक एक बैरगेनिंग चिप था—यह ऐप उन्हें टैरिफ, टेक्नोलॉजी एक्सपोर्ट कंट्रोल्स और ताइवान मुद्दे पर लीवरेज देता। जिनपिंग ने डील को मंजूरी देकर ट्रंप को “विन” दिया, बदले में रेयर अर्थ मिनरल्स की सप्लाई रिज्यूम करने का संकेत दिया। अप्रैल में यूएस-चाइना टैरिफ रेट्स 145% तक पहुंच गए थे, जिससे $1 ट्रिलियन का ट्रेड सरप्लस प्रभावित हुआ। कॉल में दोनों ने नवंबर तक ट्रूस एक्सटेंड करने पर सहमति जताई, साथ ही एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स (जैसे सोयाबीन) की खरीद बढ़ाने का वादा किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह डील यूएस-चाइना रिलेशंस में थॉ को सिग्नलाइज करती है। सीएनएन के अनुसार, टिकटॉक डील अप्रैल तक लगभग तैयार थी, लेकिन टैरिफ एम्बार्गो से रुकी। अब, एशिया-प्रशांत इकोनॉमिक कोऑपरेशन फोरम (नवंबर, साउथ कोरिया) में ट्रंप-शी समिट की संभावना है। ट्रंप ने कहा, “मेरा शी के साथ रिलेशन बहुत अच्छा है।” चीन की स्टेट मीडिया शिन्हुआ ने इसे “म्यूचुअल रेस्पेक्ट” का प्रतीक बताया। हालांकि, यूएस एक्सपोर्ट कंट्रोल्स और रूस-यूक्रेन वॉर से जुड़े चाइनीज ऑयल इंपोर्ट्स पर विवाद बाकी हैं। यह डील ग्लोबल मार्केट्स में सकारात्मक रही, जहां डाउ जोंस 1.2% ऊपर बंद हुआ।

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