सिख संगत के साथ PM मोदी की बैठक: ‘जोरे साहिब’ के संरक्षण पर चर्चा, हर्षदीप कौर ने गाया मूल मंत्र
सिख संगत के साथ PM मोदी की बैठक: ‘जोरे साहिब’ के संरक्षण पर चर्चा, हर्षदीप कौर ने गाया मूल मंत्र
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को सिख संगत के प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ दिल्ली में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। बैठक में खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज और उनकी धर्मपत्नी माता साहिब कौर से संबंधित पवित्र ‘जोरे साहिब’ की सुरक्षा और उचित प्रदर्शन के लिए समिति की सिफारिशें प्रस्तुत की गईं। PM मोदी ने इस मुलाकात का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किया, जिसमें प्रसिद्ध गायिका हर्षदीप कौर ‘इक ओंकार सतनाम करता पुरख’ मूल मंत्र का गायन करती नजर आ रही हैं। वीडियो में PM मोदी सिर पर रुमाल रखे, हाथ जोड़े श्रद्धापूर्ण भाव से बैठे दिखे। उन्होंने कैप्शन में लिखा, “सिख संगत के साथ बैठक में हर्षदीप कौर ने मूल मंत्र का सुंदर गायन किया। यह क्षण सिख गुरुओं की शिक्षाओं को दर्शाता है।”
‘जोरे साहिब’ गुरु गोबिंद सिंह जी (दाहिना पैर, 11”x3.5”) और माता साहिब कौर (बायां पैर, 9”x3”) की पवित्र पादुकाएं हैं, जिन्हें 300 वर्षों से अधिक समय से पुरी परिवार संरक्षित कर रहा है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने X पर लिखा, “हमारे परिवार को गुरु साहिब और माता जी ने ये पवित्र अवशेष सौंपे थे। किंवदंती है कि हमारे पूर्वज की सेवा से प्रसन्न होकर गुरु गोबिंद सिंह जी ने उन्हें कोई भी पुरस्कार मांगने को कहा था। तब उन्होंने ‘जोरे साहिब’ की सेवा का सौभाग्य मांगा, ताकि गुरु का आशीर्वाद उनकी पीढ़ियों पर बना रहे।” पुरी ने बताया कि बैठक में समिति ने इन अवशेषों के संरक्षण और प्रदर्शन के लिए ठोस सुझाव दिए।
बैठक में सिख समुदाय के गणमान्य लोगों ने गुरु गोबिंद सिंह की शिक्षाओं और सिख संस्कृति के संरक्षण पर जोर दिया। PM मोदी ने सिखों के योगदान की सराहना करते हुए कहा, “सिख गुरुओं की शिक्षाएं भारत की आत्मा हैं। ‘जोरे साहिब’ का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।” सूत्रों के अनुसार, सरकार इस दिशा में नीतिगत कदम उठाने पर विचार कर रही है, जिसमें संग्रहालय या विशेष केंद्र स्थापित करना शामिल हो सकता है।
यह मुलाकात सिख समुदाय और सरकार के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करने का प्रतीक मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिख धरोहर के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। हर्षदीप कौर ने भी ट्वीट कर कहा, “यह मेरे लिए गर्व का क्षण था कि मैं गुरु की वाणी को PM के समक्ष गा सकी।” यह बैठक सिख समुदाय में एकता और सरकार के साथ सहयोग का संदेश दे रही है।
