प्रधानमंत्री मोदी ने की नेपाल की PM सुशीला कार्की से बात; शांति बहाली में समर्थन का वादा दोहराया
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नेपाल की अंतरिम सरकार की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की के साथ फोन पर बातचीत की। यह वार्ता दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों को और मजबूत करने वाली साबित हुई है। नेपाल में हाल के राजनीतिक उथल-पुथल के बीच यह पहली आधिकारिक बातचीत थी, जिसमें पीएम मोदी ने नेपाल की शांति, स्थिरता और विकास के लिए भारत की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
वार्ता के दौरान पीएम मोदी ने नेपाल में हाल ही में हुई हिंसक विरोध प्रदर्शनों के कारण हुई जानलेवा घटनाओं पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत नेपाल के लोगों के दुख में सहभागी है और अंतरिम सरकार के शांति बहाली के प्रयासों में पूर्ण सहयोग करेगा। सुशीला कार्की, जो नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, ने भी इस बातचीत को सकारात्मक बताया। उन्होंने पीएम मोदी को नेपाल के राष्ट्रीय दिवस पर बधाई दी और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई।
यह फोन कॉल नेपाल में राजनीतिक संकट के बाद हुई है। सितंबर 2025 की शुरुआत में काठमांडू में जेन-जेड युवाओं के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जो भ्रष्टाचार और राजनीतिक अस्थिरता के खिलाफ थे। इन प्रदर्शनों ने पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को गिरा दिया, जिसमें कई लोग मारे गए और संसद भवन सहित कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ दिलाई गई। कार्की को प्रदर्शनकारियों और सेना दोनों का समर्थन प्राप्त है, और वे छह महीने के अंदर नई सरकार बनाने के लिए चुनाव कराने का वादा कर चुकी हैं।
पीएम मोदी ने 13 सितंबर को ही सोशल मीडिया पर कार्की को बधाई दी थी, जिसमें उन्होंने नेपाल के शांति, प्रगति और समृद्धि के लिए भारत की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया था। आज की वार्ता इसी निरंतरता का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बातचीत दोनों देशों के बीच आर्थिक, सांस्कृतिक और सीमा संबंधी मुद्दों पर चर्चा का आधार बनेगी। नेपाल भारत का सबसे करीबी पड़ोसी है, और दोनों देशों के बीच व्यापार, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में गहरे सहयोग हैं।
सुशीला कार्की का भारत से पुराना नाता है। उन्होंने 1975 में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) से राजनीति विज्ञान में एमए की डिग्री प्राप्त की है। उनके पति दुर्गा प्रसाद सुबेदी भी बीएचयू से जुड़े रहे हैं। यह संबंध दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक बंधन को दर्शाता है। अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत ने नेपाल के लोकतंत्र को मजबूत करने में सहायता का आश्वासन दिया है।
यह वार्ता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है, खासकर जब नेपाल जैसे हिमालयी राष्ट्र में राजनीतिक बदलाव हो रहे हैं। भारत ने नेपाल को विकास साझेदार के रूप में हमेशा समर्थन दिया है, और यह फोन कॉल उसी दिशा में एक कदम है। आने वाले दिनों में दोनों नेताओं के बीच और अधिक उच्च स्तरीय बैठकें हो सकती हैं, जो दक्षिण एशिया में शांति को बढ़ावा देंगी।
