‘किसी खान को मेयर न बनने दें’, चुनाव से पहले मुंबई BJP अध्यक्ष अमित साटम का चौंकाने वाला बयान
महाराष्ट्र में महानगरपालिका (BMC) चुनावों से पहले बीजेपी के मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने एक विवादित बयान देकर सियासी हंगामा मचा दिया है। एक कार्यक्रम में साटम ने कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव शहर की सुरक्षा से जुड़े हैं और ‘कोई खान मुंबई का मेयर नहीं बनना चाहिए’। यह बयान मुस्लिम समुदाय के प्रति निशाना साधते हुए आया है, जिसे वोटबैंक ध्रुवीकरण का प्रयास माना जा रहा है। साटम का यह बयान बीजेपी की ‘विजय संकल्प रैली’ के दौरान दिया गया, जिसमें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद थे।
रैली के दौरान साटम ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा, “यह चुनाव मुंबई को सुरक्षित रखने की लड़ाई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई शहरों में घुसपैठियों ने सत्ता हथिया ली है, उनके नाम देखिए। क्या हम मुंबई में भी यही चाहते हैं? कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि महायुति का मेयर BMC का नेतृत्व संभाले।” साटम ने विशेष रूप से वर्सोवा और मालवणी जैसे इलाकों का जिक्र किया, जहां मुस्लिम आबादी अधिक है, और चेतावनी दी कि ‘किसी खान को मेयर बनने से रोकना होगा’। यह बयान BMC चुनावों की तैयारी में बीजेपी की रणनीति को उजागर करता है, जहां पार्टी मुंबई में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए धार्मिक ध्रुवीकरण का सहारा ले रही है।
BMC चुनावों का इतिहास भी विवादास्पद रहा है। 2017 के आखिरी चुनावों में शिवसेना ने बहुमत हासिल किया था, लेकिन 2022 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद मेयर चुनाव रुके हुए हैं। अब 31 जनवरी 2026 से पहले नया मेयर चुना जाना है। महायुति (बीजेपी-शिवसेना-एनसीपी) के पास राज्य स्तर पर मजबूत स्थिति है, लेकिन मुंबई में शिवसेना (UBT) और कांग्रेस जैसे विपक्षी दलों की चुनौती बनी हुई है। साटम के बयान पर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने ट्वीट किया, “बीजेपी का असली चेहरा सामने आ गया। मुंबई की विविधता को बांटने की कोशिश हो रही है।” कांग्रेस ने इसे ‘घृणा फैलाने वाला’ बताते हुए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है।
मुंबई बीजेपी के इस बयान को विशेषज्ञ वोट ध्रुवीकरण की रणनीति मान रहे हैं, खासकर ठाणे और मुंबई जैसे क्षेत्रों में जहां हाल ही में ठाकरे भाइयों के गठबंधन की चर्चाएं तेज हुई हैं। राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बीच 20 साल बाद हाथ मिलाने की संभावना से महायुति में खलबली मची है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने हाल ही में कहा था कि अगला मेयर महायुति का होगा, लेकिन साटम का बयान इस दावे को विवादित बना रहा है। राज्य चुनाव आयुक्त ने भी अपडेट दिया कि वार्ड गठन और मतदाता सूची तैयार हो रही है, और चुनाव वर्ष के अंत तक हो सकते हैं।
बीजेपी ने बयान का बचाव करते हुए कहा कि यह शहर की सुरक्षा पर केंद्रित है, न कि किसी समुदाय के खिलाफ। लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह BMC की सबसे अमीर महानगरपालिका पर कब्जे की जंग को और तीखा कर देगा। मुंबई में सड़क, जल निकासी, स्वास्थ्य और आवास जैसे मुद्दे प्रमुख हैं, लेकिन साटम का बयान इनसे ध्यान भटकाने का प्रयास लगता है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश करेंगे, जबकि बीजेपी कार्यकर्ताओं को एकजुट करने पर जोर दे रही है। यह बयान महाराष्ट्र की सियासत को नया मोड़ दे सकता है, जहां सामाजिक सद्भाव बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
