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IND vs PAK: पहलगाम के पीड़ितों के साथ हैं हम, सेना को जीत समर्पित, पाकिस्तान को हराने के बाद बोले सूर्यकुमार यादव

सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने रविवार को एशिया कप 2025 में प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 7 विकेट से धूल चटाई। भारत ने दुबई के मैदान पर 128 रनों का टारगेट 15.5 ओवर में आसानी से चेज किया। सूर्या ने पाकिस्तान के खिलाफ मिली जीत को पहलगाम हमले के पीड़ितों और भारतीय सेना को समर्पित किया है। पहलगाम हमले के बाद भारत और पाकिस्तान का पहली बार किसी क्रिकेट मैच में आमना-सामना हुआ। अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए हमले में 26 लोगों की जान गई थी। सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के खिलाफ मैच को बॉयकॉट करने की जोरदार मांग हुई थी।

सूर्या ने हाई वोल्टेज मैच के बाद कहा, ”कुछ कहना चाहता था। यह एकदम सही अवसर है। हम पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े हैं। हम अपनी एकजुटता व्यक्त करते हैं। हम इस जीत को सेना को समर्पित करते हैं, जिन्होंने अदम्य साहस दिखाया। वे हमें प्रेरित करते रहेंगे और जब भी हमें मौका मिलेगा तो हम उन्हें मुस्कुराने के और भी कारण देंगे।” सूर्या का रविवार को 35वां जन्मदिन था। उन्होंने इस जीत को देशवासियों के लिए रिटर्न गिफ्ट करार दिया। कप्तान ने कहा, ”यह सुखद एहसास है और यह मेरी ओर से भारत को एक बेहतरीन रिटर्न गिफ्ट है।”

सूर्या ने पाकिस्तान के खिलाफ कप्तानी पारी खेली। उन्होंने 37 गेंदों में नाबाद 47 रन बनाए, जिसमें पांच चौके और एक सिक्स शामिल है। सूर्या ने कहा, ”आप निश्चित रूप से जीतना चाहते हैं। मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि अंत तक क्रीज पर बना रहूं और आज मैच समाप्त कर खुश हूं। हमने इसे बस एक और मैच के तौर पर लिया। हम सभी विरोध के लिए एक जैसी तैयारी करते हैं। कुछ महीने पहले भी यही हुआ था। टीम ने चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर एक टोन सेट की थी। मैं हमेशा से स्पिनरों का प्रशंसक रहा हूं क्योंकि वे मध्यक्रम में खेल को नियंत्रित करते हैं।” भारतीय स्पिनरों ने मैच में कुल 6 विकेट चटकाए।

सूर्यकुमार ने छक्का लगाकर भारत को जीत दिलाई और सीधे डगआउट में चले गए। उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। सूर्यकुमार और पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने टॉस के दौरान भी हाथ नहीं मिलाया। दोनों ने एक-दूसरे से नजरें भी नहीं मिलाईं। पिछले महीने भारत ने एक नई खेल नीति की घोषणा की जिसके अंतर्गत उसकी टीमों और खिलाड़ियों को पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी लेकिन वे बहुपक्षीय अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में एक दूसरे से खेल सकते हैं। इस नीति ने भारतीय खिलाड़ियों के पाकिस्तान जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया और पड़ोसी देश की टीमों और व्यक्तिगत खिलाड़ियों की मेजबानी करने से इनकार कर दिया।

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