सरकार ने जारी किया आंकड़ा, अगस्त में बढ़ गई खुदरा महंगाई
सरकार ने जारी किया आंकड़ा, अगस्त में बढ़ गई खुदरा महंगाई
नई दिल्ली: सरकार ने आज जारी आंकड़ों के अनुसार, अगस्त 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर (CPI आधारित) 2.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो जुलाई के 1.6 प्रतिशत से 0.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाती है। यह आंकड़ा मिन्ट पोल सर्वे पर आधारित है, जिसमें 17 अर्थशास्त्रियों ने भाग लिया। खाद्य पदार्थों की कीमतों में मामूली वृद्धि मुख्य कारण रही, हालांकि कुल खाद्य महंगाई कम बनी हुई है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के 4 प्रतिशत के लक्ष्य बैंड के निचले सिरे के निकट रहते हुए भी यह बढ़ोतरी RBI की मौद्रिक नीति पर नजर रखने का संकेत दे रही है। आंकड़े स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन मिनिस्ट्री (MOSPI) द्वारा जारी किए गए हैं, जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित हैं।
जुलाई 2025 में खुदरा महंगाई आठ वर्षों के न्यूनतम स्तर 1.55-1.6 प्रतिशत पर थी, जो खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण थी। खाद्य महंगाई जुलाई में -1.76 प्रतिशत तक नेगेटिव हो गई थी, जो जनवरी 2019 के बाद सबसे कम थी। लेकिन अगस्त में कुछ खाद्य वस्तुओं जैसे सब्जियों और दालों की कीमतों में मामूली उछाल आया, जिससे कुल महंगाई बढ़ी। मिन्ट पोल के अनुसार, भारी बारिश और बाढ़ से फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा बना हुआ है, जो आगे कीमतों को प्रभावित कर सकता है। हाल ही में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) में कटौती से लागतें कम हुई हैं, लेकिन मौसम संबंधी जोखिम बरकरार हैं। कोर महंगाई (खाद्य और ईंधन को छोड़कर) जुलाई में 4.1 प्रतिशत थी, जो RBI के 4 प्रतिशत लक्ष्य के करीब थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगस्त की यह बढ़ोतरी अस्थायी हो सकती है, लेकिन RBI को सतर्क रहना होगा। इकोनॉमिस्ट मनजुल पॉल ने कहा, “खाद्य महंगाई, जो CPI बास्केट का लगभग 40 प्रतिशत है, हाल के महीनों में महंगाई को नीचे रखने का मुख्य कारक रही है। लेकिन बाढ़ और अन्य मौसमी कारकों से जोखिम बढ़ सकता है।” यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, थोक महंगाई (WPI) अगस्त में 0.45 प्रतिशत पर पॉजिटिव हो गई, जो जुलाई के -0.58 प्रतिशत से सुधार दर्शाती है। RBI की अगली मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों पर इसका असर पड़ सकता है, जहां इन्फ्लेशन को 2-6 प्रतिशत बैंड में रखना लक्ष्य है।
सरकार ने आंकड़ों को सकारात्मक बताया है, क्योंकि कुल मिलाकर महंगाई नियंत्रण में है। वित्त मंत्रालय ने कहा कि सतत प्रयासों से अर्थव्यवस्था स्थिर बनी हुई है, और GDP 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर पहुंचने का अनुमान है। लेकिन विपक्ष ने सरकार पर निशाना सादा, कांग्रेस ने कहा कि खाद्य कीमतों का उछाल गरीबों को प्रभावित कर रहा है। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि अगले महीनों में तेल कीमतों और वैश्विक कारकों पर नजर रखनी होगी। अमेरिका में अगस्त की खुदरा महंगाई 2.9 प्रतिशत रही, जो भारत के आंकड़ों से अधिक है। कुल मिलाकर, अगस्त की बढ़ोतरी अर्थव्यवस्था के लिए चेतावनी है, लेकिन अभी संकटपूर्ण नहीं। MOSPI के अगले आंकड़े 12 सितंबर को जारी हो चुके हैं, जो नीति निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक होंगे।
