फर्जी निकली दिल्ली और बॉम्बे HC को मिली बम की धमकी, चीफ जस्टिस गवई ने मांगी रिपोर्ट
फर्जी निकली दिल्ली और बॉम्बे HC को मिली बम की धमकी, चीफ जस्टिस गवई ने मांगी रिपोर्ट
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट और बॉम्बे हाईकोर्ट को शुक्रवार को मिली बम धमकी ईमेल फर्जी साबित हुई है। दोनों ही हाईकोर्टों को सुबह-सुबह एक अनाम ईमेल मिला, जिसमें जज चैंबर में बम प्लांट करने और विस्फोट की धमकी दी गई थी। इस धमकी के बाद दोनों कोर्ट परिसरों को तुरंत खाली करा लिया गया था, लेकिन बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDDS) और डॉग स्क्वॉड की तलाशी के बाद कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है, जबकि बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय (या संदर्भित गवई) ने स्थानीय पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह घटना दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती होक्स धमकियों की कड़ी का हिस्सा है, जहां हाल ही में स्कूलों और सरकारी भवनों को भी इसी तरह के ईमेल मिले थे।
दिल्ली हाईकोर्ट को दोपहर करीब 1:30 बजे रजिस्ट्रार जनरल को एक ईमेल प्राप्त हुआ, जिसमें लिखा था, “तीन बम रखे हैं, जज चैंबर को उड़ा देंगे। दोपहर 2 बजे तक सब बाहर निकल जाओ।” ईमेल में 1998 के पटना विस्फोटों का जिक्र करते हुए धमकी दी गई थी और तमिलनाडु मंत्री उदयनिधि स्टालिन के बेटे पर एसिड हमले की भी बात कही गई। ईमेल किसी विदेशी डोमेन से आया था। इस पर तुरंत सायरन बजाए गए और मुख्य न्यायाधीश रवि शंकर झा सहित सभी जज, वकील और स्टाफ को बाहर निकाला गया। दिल्ली पुलिस की BDDS, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल ने पूरे परिसर की तलाशी ली। शाम 4 बजे तक कोर्ट को सुरक्षित घोषित कर दिया गया, लेकिन कुछ सुनवाईयां स्थगित रहीं। डीसीपी (साउथ) ने कहा कि यह होक्स है और ईमेल ट्रेसिंग जारी है।
कुछ ही घंटों बाद बॉम्बे हाईकोर्ट को भी समान धमकी वाला ईमेल मिला। मुंबई के फोर्ट क्षेत्र में स्थित कोर्ट को तुरंत खाली करा लिया गया। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर सहित जजों ने अचानक अपनी कुर्सियां छोड़ दीं। बॉम्बे बार एसोसिएशन ने सभी सदस्यों को बाहर निकलने का निर्देश दिया। मुंबई पुलिस ने तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। एक वकील ने कहा, “पुलिस ने चीफ जस्टिस के आदेश पर सबको बाहर भेजा।” बॉम्बे हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने पुलिस से पूरी रिपोर्ट मांगी है, जिसमें ईमेल के स्रोत और संभावित अपराधियों की जांच शामिल है। अभी तक स्पष्ट नहीं है कि बॉम्बे को अलग ईमेल मिला या दिल्ली वाले ईमेल में नाम शामिल था।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था को बाधित करने वाली ऐसी धमकियां अस्वीकार्य हैं। उन्होंने गृह मंत्रालय और पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। बॉम्बे हाईकोर्ट के संदर्भ में चीफ जस्टिस देवेंद्र उपाध्याय (या गवई के संदर्भ में) ने भी रिपोर्ट मांगी है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने इसे न्याय प्रक्रिया पर हमला बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि ये धमकियां रूसी या यूक्रेनी डोमेन से आ रही हैं, जो होक्स कैंपेन का हिस्सा हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है।
यह घटना दिल्ली में हाल की होक्स धमकियों की याद दिलाती है। 9 सितंबर को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली सीएम कार्यालय और यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज को भी बम धमकियां मिलीं, जो फर्जी साबित हुईं। सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई और कहा कि ऐसी घटनाओं से न्यायिक कार्य प्रभावित हो रहा है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि संदिग्ध गतिविधि पर सूचना दें। कुल मिलाकर, ये फर्जी धमकियां सुरक्षा तंत्र की चुनौतियों को उजागर कर रही हैं, और सख्त जांच की जरूरत है।
