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सीपी राधाकृष्णन बने 15वें उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

सीपी राधाकृष्णन बने 15वें उपराष्ट्रपति, राष्ट्रपति मुर्मू ने दिलाई शपथ

नई दिल्ली: चंद्रपुरम पोनुसामी राधाकृष्णन ने आज भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ग्रहण की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में उन्हें शपथ दिलाई। यह शपथ ग्रहण जुलाई में पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफे के बाद हुई खाली हुई पद के लिए आयोजित चुनाव के परिणामस्वरूप हुआ। राधाकृष्णन, जो एनडीए के उम्मीदवार थे, ने विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार और पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी. सुधर्शन रेड्डी को 152 वोटों से हराया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि वे संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह राष्ट्रपति भवन के ऐतिहासिक अशोक हॉल में आयोजित किया गया, जिसमें उपप्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, सांसद, राज्यपाल और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए। राधाकृष्णन ने शपथ लेते हुए कहा, “मैं भारत के संविधान के प्रति निष्ठा रखूंगा और राष्ट्र की सेवा करूंगा।” राष्ट्रपति मुर्मू ने शपथ दिलाने के बाद कहा कि राधाकृष्णन का अनुभव संसदीय लोकतंत्र को मजबूत करेगा। समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और राष्ट्रगान गाया गया। यह समारोह शुभ मुहूर्त में आयोजित किया गया, जैसा कि ज्योतिषियों ने सुझाया था।

चुनाव 9 सितंबर 2025 को संसद में हुआ था, जिसमें कुल 781 सांसदों में से 767 ने मतदान किया। राधाकृष्णन को 452 वोट मिले, जबकि रेड्डी को 300 वोट प्राप्त हुए। 15 वोट अमान्य घोषित किए गए। राज्या सभा के महासचिव पी.सी. मोदी ने परिणाम घोषित करते हुए कहा कि चुनाव निष्पक्ष और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ। एनडीए की मजबूत स्थिति के कारण राधाकृष्णन की जीत अपेक्षित थी, लेकिन मार्जिन से विपक्ष में क्रॉस-वोटिंग की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस ने दावा किया कि उनके सांसद एकजुट थे, लेकिन परिणाम ने विपक्षी एकता पर सवाल उठाए हैं।

सीपी राधाकृष्णन का जन्म 20 अक्टूबर 1957 को तमिलनाडु के तिरुप्पुर में हुआ था। वे आरएसएस और जनसंघ से जुड़े छात्र नेता के रूप में राजनीति में आए। 1998 और 1999 में वे कोयंबटूर से लोकसभा सदस्य चुने गए। 2004-2007 तक वे तमिलनाडु बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रहे, जहां उन्होंने 93 दिनों की ‘रथ यात्रा’ निकाली, जिसमें नदियों को जोड़ना, आतंकवाद उन्मूलन और समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दे उठाए। वे झारखंड, तेलंगाना (अतिरिक्त प्रभार), पुदुच्चेरी के उपराज्यपाल और हाल ही में जुलाई 2024 से महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे। खेलप्रेमी राधाकृष्णन टेबल टेनिस में राज्य स्तर पर सक्रिय रहे और क्रिकेट-वॉलीबॉल में रुचि रखते हैं। वे व्यवसाय प्रशासन में स्नातक हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “राधाकृष्णन जी का जीवन समाज सेवा और गरीबों के सशक्तिकरण के लिए समर्पित रहा है। वे उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति साबित होंगे।” पूर्व जज रेड्डी ने हार स्वीकार करते हुए राधाकृष्णन को शुभकामनाएं दीं। विशेषज्ञों का मानना है कि राधाकृष्णन का चुनाव बीजेपी की समावेशी हिंदुत्व रणनीति को मजबूत करता है, खासकर ओबीसी समुदाय के लिए। वे राज्यसभा के सभापति के रूप में भी कार्यभार संभालेंगे। यह चुनाव भारत की राजनीतिक स्थिरता को दर्शाता है, जहां एनडीए की मजबूती साफ दिखी। कुल मिलाकर, राधाकृष्णन का शपथ ग्रहण नए युग की शुरुआत का प्रतीक है, जो विकास और संवैधानिक मूल्यों पर जोर देगा।

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