राहुल गांधी और यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच तीखी बहस
राहुल गांधी और यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच तीखी बहस
रायबरेली: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री दिनेश प्रताप सिंह के बीच एक आधिकारिक बैठक के दौरान तीखी बहस हो गई। यह घटना रायबरेली में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में घटी, जहां दोनों नेताओं के बीच तल्खी भरी तू-तू मैं-मैं देखने को मिली। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है। कांग्रेस ने इसे BJP की नाकामी का प्रमाण बताया, जबकि BJP ने राहुल पर ‘मांओं का अपमान’ करने का आरोप लगाया। यह विवाद आगामी चुनावी माहौल को और गरमा सकता है।
11 सितंबर 2025 को रायबरेली में आयोजित दिशा बैठक में राहुल गांधी, अमेठी सांसद केएल शर्मा और राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे। बैठक का उद्देश्य जिले के विकास कार्यों की समीक्षा करना था, लेकिन जल्द ही राजनीतिक बहस में बदल गया। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का बखान किया, जिसमें युवाओं के लिए नौकरियों और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम का जिक्र था। इस पर राहुल गांधी ने आपत्ति जताई और कहा, “आप बता दो, कितनी नौकरियां दीं? आंकड़े दिखाओ, वादे तो बहुत हो चुके हैं। बेरोजगारी क्यों बढ़ रही है?” यह कहते हुए राहुल ने मंत्री को सीधे घेर लिया, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने तुरंत पलटवार किया और कहा, “कांग्रेस की पुरानी सरकारों में UP बर्बाद हो गया था, अब BJP ने विकास की नई ऊंचाइयां छुई हैं। आप तो विदेश घूमते रहते हैं, यहां की हकीकत नहीं जानते।” बहस तब चरम पर पहुंची जब सिंह ने राहुल पर पीएम नरेंद्र मोदी की मां के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “बिहार में वोट अधीकार यात्रा के दौरान अपमानजनक टिप्पणियां हुईं, राहुल जी ने न तो निंदा की और न ही माफी मांगी। देश की मांओं से माफी मांगो।” राहुल ने जवाब में कहा, “मैं सवाल पूछ रहा हूं, लेकिन आप बहाने बना रहे हैं। जनता सब देख रही है।” यह तीखी नोकझोक करीब 15 मिनट चली, जिसमें दोनों पक्षों के समर्थक चिल्लाने लगे। अंत में स्थानीय प्रशासन ने हस्तक्षेप कर बैठक समाप्त की। वीडियो में राहुल का ‘आप बता दो…’ वाला हिस्सा सबसे ज्यादा वायरल हो रहा है।
यह घटना 10 सितंबर को ही दिनेश प्रताप सिंह द्वारा राहुल के काफिले को रोकने के प्रयास के बाद आई है। सिंह ने हरचंदपुर हाईवे पर धरना दिया था, जहां BJP कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गो बैक’ और ‘देश की मांओं से माफी मांगो’ के नारे लगाए। सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल ने बिहार में मोदी की मां पर अपमानजनक टिप्पणियों की निंदा नहीं की। इसके अलावा, सिंह ने रायबरेली पुलिस पर राहुल को ‘अत्यधिक आतिथ्य’ दिखाने का आरोप लगाते हुए BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा को पत्र लिखा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 70 किलोमीटर तक ट्रैफिक डायवर्ट किया और छोटे व्यापारियों को हटाया। राहुल के काफिले को एक घंटे रोक लिया गया था।
कांग्रेस ने इस बहस को BJP की हताशा बताया। पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, “राहुल जी ने विकास के सवाल उठाए, लेकिन मंत्री जी आंकड़ों से भागे। यह UP सरकार की नाकामी का प्रमाण है।” वहीं, BJP प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने इसे ‘राहुल की नकारात्मक राजनीति’ करार दिया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी ‘चोर के नाती’ हैं, वे गांधी परिवार की हार सुनिश्चित करेंगे।” विशेषज्ञों का मानना है कि रायबरेली, जो गांधी परिवार का गढ़ है, में यह टकराव 2027 विधानसभा चुनावों से पहले BJP की रणनीति का हिस्सा है। सिंह, जो 2018 में कांग्रेस छोड़ BJP में शामिल हुए, रायबरेली से 2019 में राहुल के खिलाफ लड़े थे।
राहुल ने बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मैंने सिर्फ जनता के सवाल उठाए, BJP जवाब देने के बजाय अपमान का सहारा ले रही है।” मंत्री सिंह ने सफाई दी कि यह ‘स्वस्थ बहस’ थी और विकास आंकड़े जल्द सार्वजनिक करेंगे। यह विवाद न केवल UP की राजनीति को प्रभावित कर रहा है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बने हुए। कुल मिलाकर, यह घटना लोकतंत्र में सवालों की ताकत दिखाती है, लेकिन साथ ही ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे रही है।
