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सेबास्टियन लेकोर्नू बने फ्रांस के नए प्रधानमंत्री, मैक्रों ने सौंपी जिम्मेदारी

सेबास्टियन लेकोर्नू बने फ्रांस के नए प्रधानमंत्री, मैक्रों ने सौंपी जिम्मेदारी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रक्षा मंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। यह फैसला पूर्व प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बेयरू के सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव में हारने के 24 घंटे बाद लिया गया। 39 वर्षीय लेकोर्नू, जो फ्रांस के इतिहास में सबसे कम उम्र के रक्षा मंत्री थे, अब देश के चौथे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो पिछले एक साल में नियुक्त हुए हैं। उनकी पहली चुनौती दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक फ्रांस के लिए 2026 का बजट तैयार करना और संसद में विभिन्न दलों के बीच सहमति बनाना होगा।

नियुक्ति की पृष्ठभूमि

सोमवार को फ्रांस की नेशनल असेंबली ने बेयरू की सरकार को अविश्वास प्रस्ताव में 364-194 के वोट से हटा दिया। बेयरू ने 44 अरब यूरो की कटौती और दो सार्वजनिक अवकाश खत्म करने के कठोर बजट प्रस्ताव रखे थे, जिसे विपक्षी दलों—वामपंथी न्यू पॉपुलर फ्रंट और दक्षिणपंथी नेशनल रैली—ने खारिज कर दिया। मैक्रों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए मंगलवार रात लेकोर्नू को नया PM नियुक्त किया, जो उनकी केंद्रवादी नीतियों के प्रति वफादार माने जाते हैं।

लेकोर्नू का प्रोफाइल

2017 में मैक्रों के केंद्रवादी आंदोलन में शामिल होने से पहले लेकोर्नू कंजर्वेटिव रिपब्लिकन पार्टी के सदस्य थे। उन्होंने 2022 में मैक्रों के पुनर्निर्वाचन अभियान का नेतृत्व किया और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान फ्रांस की सैन्य मजबूती के लिए 2030 तक के रक्षा बजट की रूपरेखा तैयार की। 2021 में ग्वाडेलूप दंगों के दौरान उन्होंने स्वायत्तता वार्ता का प्रस्ताव दिया था। उनकी नियुक्ति मैक्रों की वफादारी को पुरस्कृत करने और निरंतरता बनाए रखने की रणनीति को दर्शाती है।

चुनौतियां और विवाद

लेकोर्नू की नियुक्ति से केंद्र-वामपंथी सोशलिस्ट पार्टी के साथ तनाव बढ़ सकता है, क्योंकि वे मैक्रों से अधिक प्रगतिशील नीतियों की उम्मीद कर रहे थे। उनकी 2024 में नेशनल रैली की नेता मरीन ले पेन के साथ डिनर पर मुलाकात ने वामपंथियों में नाराजगी पैदा की थी। लेकोर्नू को अब 114% GDP के राष्ट्रीय कर्ज को नियंत्रित करने के लिए बजट पर सहमति बनानी होगी, जबकि बुधवार को “ब्लॉक एवरीथिंग” आंदोलन द्वारा बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन की आशंका है।

आगे की राह

मैक्रों ने लेकोर्नू को पहले संसद के सभी दलों से बजट पर चर्चा करने और फिर सरकार गठन करने का निर्देश दिया है। लेकोर्नू ने X पर लिखा, “फ्रांस की एकता और स्वतंत्रता मेरी प्राथमिकता होगी।” यह नियुक्ति फ्रांस की राजनीतिक अस्थिरता को कम करने की कोशिश है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लेकोर्नू के लिए संसद में सहमति बनाना एक कठिन चुनौती होगी।

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