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नेपाल में सियासी उथल-पुथल: आर्मी चीफ की शांति अपील, प्रदर्शनकारियों से बोले- “हिंसा छोड़ें, बातचीत करें”

नेपाल में सियासी उथल-पुथल: आर्मी चीफ की शांति अपील, प्रदर्शनकारियों से बोले- “हिंसा छोड़ें, बातचीत करें”

नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुए ‘Gen-Z क्रांति’ ने सियासी भूचाल ला दिया है। मंगलवार को प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली और राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल के इस्तीफों के बाद नेपाल आर्मी चीफ जनरल अशोक राज सिग्देल ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा छोड़ने और शांतिपूर्ण संवाद की अपील की। इस आंदोलन में अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है और 600 से अधिक घायल हैं। काठमांडू की सड़कों पर हजारों युवा ‘विजय परेड’ निकाल रहे हैं, लेकिन हिंसक झड़पों और आगजनी ने स्थिति को तनावपूर्ण बना रखा है।

आर्मी चीफ का बयान

जनरल सिग्देल ने मंगलवार रात टीवी पर संबोधन में कहा, “नेपाल आर्मी देश की एकता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। हम प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि हिंसा का रास्ता छोड़कर बातचीत करें। शहीदों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है।” उन्होंने पुलिस, गृह मंत्रालय और स्थानीय प्रशासन से समन्वय बनाए रखने की बात कही।

आंदोलन की शुरुआत

8 सितंबर को सरकार ने फेसबुक, X, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम सहित 26 सोशल मीडिया ऐप्स पर बैन लगाया, जिसे युवाओं ने अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया। सोमवार को काठमांडू, पोखरा और बिराटनगर में प्रदर्शन हिंसक हो गए, जब पुलिस ने आंसू गैस और गोलीबारी का इस्तेमाल किया। संसद भवन, मंत्रियों के घर और सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी हुई। मंगलवार तड़के सरकार ने बैन हटाया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया। गृह मंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी और शिक्षा मंत्री सुमना श्रेष्ठ के इस्तीफों के बाद ओली और पौडेल को भी पद छोड़ना पड़ा।

काठमांडू में तनाव

काठमांडू, ललितपुर और भक्तपुर में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू है। त्रिभुवन हवाई अड्डा बंद है, और भारत ने नेपाल यात्रा के लिए एडवाइजरी जारी की है। सेना और सशस्त्र पुलिस बल संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं। प्रदर्शनकारी ‘नेपाल हमारा, भ्रष्टाचार हटाओ’ के नारे लगा रहे हैं। सोशल मीडिया पर #GenZRevolution और #NepalRising ट्रेंड कर रहे हैं।

आगे की राह

नेपाली कांग्रेस, माओवादी सेंटर और राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी ने अंतरिम सरकार और नए चुनाव की मांग की है। बुधवार को संसद की आपात बैठक में नए नेतृत्व पर चर्चा होगी। विशेषज्ञों का कहना है कि 19.2% बेरोजगारी और आर्थिक संकट ने युवाओं को सड़कों पर उतारा है। यह आंदोलन नेपाल की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रहा है।

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