मुझे जहर दे दिया जाए, जेल में बंद एक्टर दर्शन ने अदालत से लगाई गुहार
कन्नड़ सिनेमा के मशहूर अभिनेता दर्शन थूगुदीप, जो रेणुकास्वामी हत्याकांड में जेल में हैं, ने मंगलवार को बेंगलुरु की सिटी सिविल एंड सेशंस कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई के दौरान एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने जज से कहा, “मैं ऐसी जिंदगी नहीं जी सकता। कृपया मुझे जहर दे दीजिए।” दर्शन ने जेल की कथित अमानवीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए यह बात कही। कोर्ट ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया और कहा कि ऐसा करना संभव नहीं है।
क्या बोले दर्शन?
सुनवाई के दौरान दर्शन ने बताया कि वे 30 दिनों से सूरज की रोशनी नहीं देख पाए हैं, उनके हाथों में फंगल इंफेक्शन हो गया है और उनके कपड़े बदबू मार रहे हैं। उन्होंने कहा, “जेल में रहना असहनीय हो गया है। मैं और इस तरह नहीं जी सकता।” दर्शन ने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल से बल्लारी जेल में स्थानांतरण की मांग भी की थी, जिसे कोर्ट ने ठुकरा दिया। हालांकि, कोर्ट ने उन्हें जेल के अंदर टहलने और बुनियादी सुविधाएं जैसे बिस्तर, तकिया और चादर देने की अनुमति दी, बशर्ते यह जेल नियमावली के अनुसार हो।
रेणुकास्वामी हत्याकांड
दर्शन को जून 2024 में 33 वर्षीय रेणुकास्वामी के अपहरण और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। रेणुकास्वामी, जो दर्शन के प्रशंसक थे, ने कथित तौर पर दर्शन की करीबी सहयोगी पवित्रा गौड़ा को अश्लील मैसेज भेजे थे। इसके बाद उन्हें बेंगलुरु में एक शेड में अगवा कर प्रताड़ित किया गया और उनकी लाश एक नाले में मिली। दर्शन और पवित्रा गौड़ा सहित 33 लोगों को इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
कानूनी स्थिति
कर्नाटक हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में दर्शन को जमानत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 14 अगस्त 2025 को गवाहों को प्रभावित करने की आशंका जताते हुए इसे रद्द कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को “न्यायिक विवेक का दुरुपयोग” करार दिया और दर्शन को विशेष सुविधाएं न देने का आदेश दिया। दर्शन इस समय जेल में हैं, और अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी, जब आरोप तय किए जाएंगे।
जेल सुविधाओं पर सवाल
दर्शन ने तकिया, चादर और घर का खाना देने की मांग भी की, जिस पर कोर्ट ने फैसला दोपहर तक के लिए सुरक्षित रखा। उनकी यह टिप्पणी भारतीय जेलों की स्थिति पर सवाल उठाती है।
