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संजय कपूर प्रॉपर्टी विवाद: करिश्मा के बच्चों ने दिल्ली हाई कोर्ट में की अपील, प्रिया कपूर पर फर्जी वसीयत का आरोप

संजय कपूर प्रॉपर्टी विवाद: करिश्मा के बच्चों ने दिल्ली हाई कोर्ट में की अपील, प्रिया कपूर पर फर्जी वसीयत का आरोप

बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों, समायरा कपूर (20) और कियान राज कपूर (15), ने अपने दिवंगत पिता और उद्योगपति संजय कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति में हिस्सेदारी के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की है। उन्होंने अपनी सौतेली मां प्रिया कपूर (संजय की तीसरी पत्नी) और उनके सहयोगियों पर फर्जी वसीयत के जरिए संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। यह मामला संजय कपूर की 12 जून 2025 को लंदन में पोलो खेलते समय दिल का दौरा पड़ने से हुई अचानक मृत्यु के बाद शुरू हुआ।

मामले का विवरण

करिश्मा के बच्चों ने अपनी मां के माध्यम से कोर्ट में दावा किया कि संजय की मृत्यु के बाद प्रिया ने शुरू में कहा था कि कोई वसीयत नहीं है और सारी संपत्ति आर.के. फैमिली ट्रस्ट के तहत है। लेकिन 30 जुलाई को ताज मानसिंह होटल में हुई बैठक में प्रिया ने 21 मार्च 2025 की तारीख वाली एक वसीयत पेश की, जो संजय की पूरी व्यक्तिगत संपत्ति उन्हें देती है। बच्चों ने इस वसीयत को फर्जी और संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार बताया, क्योंकि इसे सात सप्ताह तक छिपाया गया और न ही इसकी प्रति उन्हें दी गई।

आरोप और मांगें

बच्चों ने कोर्ट से मांग की है कि उन्हें क्लास I कानूनी उत्तराधिकारी घोषित किया जाए और प्रत्येक को संपत्ति में एक-पांचवां हिस्सा दिया जाए। उन्होंने प्रिया, उनके नाबालिग बेटे आजारियस कपूर, संजय की मां रानी कपूर और कथित वसीयत की निष्पादक श्रद्धा सुरी मारवाह को प्रतिवादी बनाया है। याचिका में प्रिया के सहयोगियों दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा पर भी फर्जीवाड़े में शामिल होने का आरोप है। बच्चों ने संपत्ति के हस्तांतरण पर रोक और ट्रस्ट के दस्तावेजों का खुलासा करने की मांग की है।

पारिवारिक विवाद

संजय की मां रानी कपूर ने भी प्रिया पर आरोप लगाया है कि उन्हें शोक के दौरान जबरदस्ती दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए गए। संजय की बहन मंधिरा कपूर ने कहा कि प्रिया ने सोना कोम्स्टार कंपनी के कागजात हड़पने की कोशिश की। बच्चों का कहना है कि उनके पिता ने उनके नाम पर बिजनेस शुरू किए थे और उन्हें ट्रस्ट का लाभार्थी बनाया था।

कानूनी प्रक्रिया

याचिका में कहा गया है कि संजय के साथ बच्चों का करीबी रिश्ता था, और वे नियमित रूप से छुट्टियां और बिजनेस मीटिंग्स में शामिल होते थे। कोर्ट से संपत्ति का बंटवारा, हिसाब-किताब और स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई है। सुनवाई 15 सितंबर को होने की संभावना है। यह मामला भारत के सबसे बड़े संपत्ति विवादों में से एक बन गया है।

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