PM मोदी ने बाढ़ प्रभावित हिमाचल-पंजाब का हवाई सर्वेक्षण किया, ₹1500 करोड़ की मदद का ऐलान
PM मोदी ने बाढ़ प्रभावित हिमाचल-पंजाब का हवाई सर्वेक्षण किया, ₹1500 करोड़ की मदद का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और दोनों राज्यों के लिए 1500 करोड़ रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता की घोषणा की। भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ से प्रभावित इन राज्यों में अब तक 421 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। PM ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और राहत कार्यों की समीक्षा की।
हिमाचल में तबाही का मंजर
हिमाचल में मॉनसून की शुरुआत (20 जून) से अब तक 370 मौतें हो चुकी हैं, जिनमें 205 भूस्खलन और बाढ़ से संबंधित हैं। कुल्लू, मंडी और कांगड़ा सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां 2300 सड़कें, 6 राष्ट्रीय राजमार्ग, 1900 बिजली ट्रांसफार्मर और 900 जल आपूर्ति योजनाएं बाधित हैं। कुल्लू के अखाड़ा बाजार में मंगलवार सुबह हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत और चार लोग घायल हुए। PM ने कांगड़ा में CM सुखविंदर सिंह सुक्खू, राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के साथ बैठक में 4100 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया।
पंजाब में बाढ़ से हाहाकार
पंजाब में सतलुज और ब्यास नदियों के उफान से 51 लोगों की मौत हुई और 1.84 लाख हेक्टेयर में फसलें नष्ट हो गईं। गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में 4 लाख लोग प्रभावित हैं। PM ने गुरदासपुर में NDRF और SDRF टीमों से मुलाकात की और स्थानीय प्रशासन को तेजी से राहत कार्य करने के निर्देश दिए।
राहत पैकेज और अन्य घोषणाएं
1500 करोड़ रुपये का पैकेज स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फंड (SDRF) की दूसरी किश्त, PM-किसान सम्मान निधि और पुनर्वास के लिए अग्रिम राशि शामिल करता है। PM ने मृतकों के परिजनों के लिए 2 लाख रुपये और घायलों के लिए 50,000 रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की। उन्होंने X पर लिखा, “हिमाचल और पंजाब के लोगों का दर्द हमारा दर्द है। केंद्र सरकार हर कदम पर साथ है।”
विपक्ष का रुख
कांग्रेस और AAP ने केंद्र पर राहत कार्यों में देरी का आरोप लगाया। AAP नेता मनीष सिसोदिया ने X पर कहा, “PM का दौरा स्वागतयोग्य है, लेकिन स्थायी समाधान की जरूरत है।” विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन और अनियोजित निर्माण को आपदा का प्रमुख कारण बताया। राहत कार्यों में NDRF की 12 टीमें और सेना के हेलिकॉप्टर लगे हैं।
