नेपाल में Gen-Z क्रांति के आगे सरकार का सरेंडर… तीन मंत्रियों का इस्तीफा, अब दुबई निकलने की तैयारी में PM ओली
नेपाल में Gen-Z क्रांति के आगे सरकार का सरेंडर… तीन मंत्रियों का इस्तीफा, अब दुबई निकलने की तैयारी में PM ओली
नेपाल में युवा-नेतृत्व वाली ‘Gen-Z क्रांति’ ने सरकार को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया है। सोशल मीडिया ऐप्स पर लगाए गए बैन के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शनों ने हिंसक रूप धारण कर लिया, जिसमें 19 लोगों की मौत और 300 से अधिक घायल हो चुके हैं। दबाव में सरकार ने रातोंरात 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स—जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, X, इंस्टाग्राम और यूट्यूब—पर बैन हटा लिया। लेकिन युवाओं की मांग थमने का नाम नहीं ले रही; वे प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफे और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन सोमवार को काठमांडू के संसद भवन के बाहर भड़के, जहां हजारों युवा ‘सोशल मीडिया बंद मत करो, भ्रष्टाचार बंद करो’ के नारे लगाते हुए पहुंचे। पुलिस ने आंसू गैस, रबर बुलेट्स और लाइव फायरिंग की, जिससे 17 लोगों की मौत हो गई। इटाहारी में दो और मौतें हुईं। सेना तैनात कर दी गई, और कई शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया। संयुक्त राष्ट्र ने हिंसा की निंदा की और जांच की मांग की।
सरकार के सरेंडर की पहली निशानी तीन मंत्रियों के इस्तीफे हैं। गृह मंत्री रमेश लेखक ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दिया, क्योंकि उनकी पार्टी नेपाली कांग्रेस ने बैन का विरोध किया था। कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी और एक अन्य मंत्री ने भी पद छोड़ दिया। नेपाली कांग्रेस के मंत्री कैबिनेट बैठक से वाकआउट कर गए। विपक्षी माओवादी सेंटर और राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने ओली का इस्तीफा मांगते हुए नए चुनाव की मांग की।
ओली ने सोमवार रात बयान जारी कर कहा, “सरकार सोशल मीडिया बंद करने के पक्ष में नहीं है, लेकिन राष्ट्रीय हितों का पालन जरूरी है।” लेकिन अफवाहें हैं कि वे दुबई भागने की तैयारी में हैं, जहां से वे राजनीतिक शरण ले सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भ्रष्टाचार, आर्थिक संकट और नेपोटिज्म के खिलाफ यह युवा विद्रोह नेपाल की राजनीति को बदल सकता है। काठमांडू में प्रदर्शन जारी हैं, और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
