उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: आज वोटिंग, NDA का पलड़ा भारी, INDIA ब्लॉक को क्रॉस वोटिंग की उम्मीद
उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: आज वोटिंग, NDA का पलड़ा भारी, INDIA ब्लॉक को क्रॉस वोटिंग की उम्मीद
भारत के 17वें उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए आज, 9 सितंबर 2025 को संसद भवन में वोटिंग होगी। यह चुनाव पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के 21 जुलाई 2025 को स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा देने के बाद हो रहा है। मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन और विपक्षी इंडिया ब्लॉक के प्रत्याशी जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी के बीच है। नंबर गेम में NDA की स्थिति मजबूत है, लेकिन इंडिया ब्लॉक को क्रॉस वोटिंग से जीत की उम्मीद है।
चुनाव प्रक्रिया और रिटर्निंग ऑफिसर
राज्यसभा महासचिव पी.सी. मोदी को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया है। मतदान एकल संक्रमणीय आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (सिंगल ट्रांसफरेबल वोट) के तहत गुप्त होगा। सांसद सफेद मतपत्रों पर विशेष स्याही वाले पेन से उम्मीदवारों के नाम के आगे प्राथमिकता (1, 2, 3…) अंकित करेंगे। मतदान सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संसद भवन के कमरा नंबर एफ-101, वसुधा में होगा। मतगणना शाम 6 बजे शुरू होगी, और परिणाम देर रात या बुधवार सुबह तक घोषित होने की उम्मीद है।
नंबर गेम: NDA की मजबूत स्थिति
उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा (543 सदस्य) और राज्यसभा (233 निर्वाचित, 12 मनोनीत) के कुल 788 सांसद मतदान के लिए पात्र हैं, लेकिन 6 सीटें (5 राज्यसभा, 1 लोकसभा) खाली होने से 782 सांसद वोट डालेंगे। जीत के लिए 391 वोटों का मैजिक नंबर चाहिए। NDA के पास 425 सांसदों का समर्थन है, जिसमें YSRCP (7 राज्यसभा, 4 लोकसभा) का समर्थन भी शामिल है, जिससे कुल 436 वोट बनते हैं। दूसरी ओर, इंडिया ब्लॉक के पास 324 सांसद हैं, जो जीत के लिए आवश्यक संख्या से काफी कम है। बीजू जनता दल (BJD, 7 सांसद), भारत राष्ट्र समिति (BRS, 4 सांसद), और शिरोमणि अकाली दल (SAD, 3 सांसद) ने मतदान से दूर रहने का फैसला किया है, जिससे मतदाता संख्या 767 तक सिमट सकती है।
NDA की रणनीति: एकजुटता पर जोर
NDA ने अपनी जीत सुनिश्चित करने के लिए व्यापक रणनीति बनाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 10 बजे वोट डालेंगे, और सभी NDA सांसदों के लिए सुबह 9:30 बजे ब्रेकफास्ट मीटिंग आयोजित की गई है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, अर्जुन राम मेघवाल, और नित्यानंद राय अपने-अपने राज्यों के सांसदों के साथ बैठकें करेंगे। BJP ने छह सत्रों में सांसदों को मतदान प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया है।
इंडिया ब्लॉक: क्रॉस वोटिंग पर नजर
इंडिया ब्लॉक को अपनी कम संख्या के बावजूद क्रॉस वोटिंग से उम्मीद है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और अन्य विपक्षी नेता सहयोगी दलों और असमंजस में दिख रहे सांसदों से संपर्क साध रहे हैं। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और आजाद पार्टी के चंद्रशेखर आजाद ने सुदर्शन रेड्डी को समर्थन देने का ऐलान किया है। 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में जगदीप धनखड़ को विपक्षी सांसदों से क्रॉस वोटिंग का लाभ मिला था, और इंडिया ब्लॉक इस बार उसी रणनीति पर भरोसा कर रहा है।
उम्मीदवारों का प्रोफाइल
– सी.पी. राधाकृष्णन: तमिलनाडु के कोयंबटूर से BJP के वरिष्ठ नेता, वर्तमान में महाराष्ट्र के राज्यपाल। 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद रहे और झारखंड, तेलंगाना, और महाराष्ट्र के गवर्नर के रूप में कार्य कर चुके हैं। NDA ने दक्षिण भारत में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उन्हें चुना है।
– जस्टिस बी. सुदर्शन रेड्डी: 2007-2011 तक सुप्रीम कोर्ट के जज रहे, 2005-2007 में गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस, और 2013 में गोवा के पहले लोकायुक्त। इंडिया ब्लॉक ने उनकी निष्पक्ष और ईमानदार छवि को आधार बनाकर उम्मीदवारी दी है।
सियासी समीकरण और सस्पेंस
यह पहली बार है जब उपराष्ट्रपति चुनाव में दोनों उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं, जिससे तमिल और तेलुगु अस्मिता की सियासत भी चर्चा में है। इंडिया ब्लॉक YSRCP जैसे दलों को साधने की कोशिश कर रहा है, लेकिन YSRCP ने NDA को समर्थन देने का ऐलान किया है। कुछ X पोस्ट्स में दावा किया गया कि चंद्रबाबू नायडू की TDP NDA से अलग हो सकती है, लेकिन यह पुष्ट नहीं है। विपक्ष ने धनखड़ के इस्तीफे को सरकारी दबाव का परिणाम बताया है, जिसे NDA ने खारिज किया।
क्या कहता है गणित?
– NDA: उत्तर प्रदेश, बिहार, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान, और ओडिशा में मजबूत। 436 वोटों के साथ जीत की प्रबल संभावना।
– इंडिया ब्लॉक: महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल, और पंजाब में बढ़त, लेकिन 324 वोटों के साथ जीत के लिए 70-100 वोट कम। क्रॉस वोटिंग और गुप्त मतदान इस चुनाव को रोमांचक बना रहे हैं।
संख्याबल के आधार पर NDA उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन इंडिया ब्लॉक क्रॉस वोटिंग के जरिए उलटफेर की उम्मीद कर रहा है। यह चुनाव न केवल अगले उपराष्ट्रपति का फैसला करेगा, बल्कि 2027 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले दोनों गठबंधनों की ताकत का भी आकलन करेगा।
