राष्ट्रीय

टिफिन मीटिंग, स्वच्छता अभियान और इनोवेटिव सोच: बीजेपी कार्यशाला में पीएम मोदी ने सांसदों को दिए खास निर्देश

टिफिन मीटिंग, स्वच्छता अभियान और इनोवेटिव सोच: बीजेपी कार्यशाला में पीएम मोदी ने सांसदों को दिए खास निर्देश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को संसद भवन के जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित बीजेपी की दो दिवसीय ‘संसद कार्यशाला’ में हिस्सा लिया और सांसदों को जनता से जुड़ने, स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने और नवोन्मेषी सोच अपनाने के निर्देश दिए। कार्यशाला में एनडीए के सभी सांसद शामिल हुए, और पीएम मोदी ने अपनी सादगी से सबका ध्यान खींचा, जब वह सभागार की अंतिम पंक्ति में बैठे। उन्होंने जीएसटी सुधारों की सराहना करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया और सांसदों से इसे जनता तक पहुंचाने की अपील की।

टिफिन मीटिंग का निर्देश

पीएम मोदी ने सांसदों से अपने संसदीय क्षेत्र की प्रत्येक विधानसभा में हर महीने ‘टिफिन मीटिंग’ आयोजित करने को कहा। इसका उद्देश्य आम लोगों से सीधा संवाद स्थापित करना और उनकी समस्याओं का समाधान करना है। उन्होंने कहा, “टिफिन मीटिंग से जनता के साथ आत्मीयता बढ़ेगी और उनकी वास्तविक समस्याएं सामने आएंगी।” यह पहल पहले वाराणसी और भोपाल में उनकी ‘डिनर पे चर्चा’ जैसी बैठकों से प्रेरित है।

स्वच्छता अभियान पर जोर

मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन को जन-आंदोलन बनाने पर बल दिया और सिंगापुर का उदाहरण देते हुए कहा, “स्वच्छता केवल पैसे से नहीं, बल्कि सामूहिक प्रयास और इनोवेटिव सोच से संभव है।” उन्होंने सांसदों से अपने क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने और इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने हाल ही में शुरू किए गए 9600 करोड़ रुपये के स्वच्छता प्रोजेक्ट्स का भी जिक्र किया।

इनोवेटिव सोच और प्रशासनिक सहयोग

पीएम ने सांसदों से संसदीय समितियों में सक्रिय भागीदारी और संबंधित मंत्रियों व अधिकारियों से मुलाकात कर गहन जानकारी लेने को कहा। उन्होंने अधिकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की सलाह दी। इसके अलावा, ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन गेमिंग के दुष्प्रभावों पर जागरूकता फैलाने और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों तक पहुंचने का निर्देश दिया।

जीएसटी सुधार और उपराष्ट्रपति चुनाव

कार्यशाला में जीएसटी 2.0 सुधारों को लागू करने की सराहना की गई, जिसके तहत टैक्स स्लैब को 5% और 18% तक सीमित किया गया। सांसदों से इसे जनता तक ले जाने के लिए अभियान चलाने को कहा गया। साथ ही, 9 सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए रणनीति पर चर्चा हुई।

पीएम ने कार्यशाला को ‘जनसेवा का मंच’ बताते हुए अपने एक्स पोस्ट में लिखा, “संसद कार्यशाला जैसे मंच हमें एक-दूसरे से सीखने और बेहतर जनसेवा के लिए प्रेरित करते हैं।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *