जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने दिया इस्तीफा, LDP में टकराव से बचने का लिया फैसला
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने दिया इस्तीफा, LDP में टकराव से बचने का लिया फैसला
जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने रविवार को अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर सबको चौंका दिया। एक साल से भी कम समय तक सत्ता में रहने के बाद, इशिबा ने लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे दिया। उन्होंने टोक्यो में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अमेरिका के साथ टैरिफ समझौते के बाद मैंने एक मील का पत्थर हासिल किया। अब अगली पीढ़ी को नेतृत्व सौंपने का समय है।” यह फैसला जुलाई 2025 में हाउस ऑफ काउंसिलर्स चुनाव में LDP-कोमेइटो गठबंधन की हार के बाद लिया गया, जिसमें गठबंधन ने दोनों सदनों में बहुमत खो दिया।
इशिबा ने अक्टूबर 2024 में सत्ता संभाली थी, लेकिन बढ़ती महंगाई और अमेरिकी टैरिफ के दबाव से उनकी लोकप्रियता घटी। LDP के दक्षिणपंथी धड़े, खासकर तारो असो और सनाए ताकाइची, ने उनके इस्तीफे की मांग की थी। इशिबा ने पार्टी में विभाजन से बचने के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह LDP के असाधारण नेतृत्व चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।
LDP सोमवार को नए नेतृत्व के लिए मतदान करेगी, जिसमें सनाए ताकाइची और शिंजिरो कोइजуми संभावित दावेदार हैं। इस इस्तीफे से जापान की अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बढ़ गई है, क्योंकि येन और सरकारी बॉन्ड्स में उतार-चढ़ाव देखा गया। विश्लेषकों का मानना है कि नया नेतृत्व ढीली वित्तीय नीतियों को अपना सकता है।
इशिबा ने अपने कार्यकाल में भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने की दिशा में भी काम किया था, जिसमें हाल ही में पीएम मोदी की टोक्यो यात्रा शामिल थी। उनके इस्तीफे ने वैश्विक मंच पर भी चर्चा छेड़ दी है।
