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भारत ने विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप 2025 में रचा इतिहास, पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता पहला गोल्ड

भारत ने विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप 2025 में रचा इतिहास, पुरुष कंपाउंड टीम ने जीता पहला गोल्ड

भारतीय पुरुष कंपाउंड तीरंदाजी टीम ने विश्व तीरंदाजी चैम्पियनशिप 2025 में इतिहास रचते हुए पहली बार पुरुष कंपाउंड टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया। रविवार को ग्वांगजू में खेले गए फाइनल में रिशभ यादव, अमन सैनी और प्रथमेश फुगे की तिकड़ी ने फ्रांस को 235-233 से हराकर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। यह भारत का इस स्पर्धा में पहला स्वर्ण पदक है, जो भारतीय तीरंदाजी के लिए एक मील का पत्थर है।

फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। तीन सेट के बाद स्कोर 176-176 पर बराबर था, लेकिन निर्णायक चौथे सेट में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 59 अंकों के साथ फ्रांस के 57 अंकों को पछाड़कर जीत सुनिश्चित की। भारत ने फाइनल तक के सफर में ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और तुर्की जैसी मजबूत टीमों को हराया, जिसमें क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के खिलाफ 234-233 और सेमीफाइनल में तुर्की के खिलाफ 234-232 की रोमांचक जीत शामिल थी।

इसके अलावा, रिशभ यादव और ज्योति सुरेखा वेनम की जोड़ी ने कंपाउंड मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता। नीदरलैंड के खिलाफ फाइनल में भारत 157-155 से मामूली अंतर से हार गया, लेकिन इस जोड़ी ने जर्मनी, अल सल्वाडोर और चीनी ताइपे को हराकर फाइनल तक का शानदार सफर तय किया। रिशभ यादव, जो अपने पहले विश्व चैम्पियनशिप में खेल रहे थे, ने क्वालिफिकेशन में 709 अंकों के साथ आठवां स्थान हासिल किया और पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया।

हालांकि, महिला कंपाउंड टीम (ज्योति सुरेखा वेनम, परनीत कौर, और पृथिका प्रदीप) को दूसरे राउंड में इटली के खिलाफ 229-233 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे 2023 बर्लिन में जीते गए खिताब को डिफेंड करने की उम्मीदें टूट गईं।

यह स्वर्ण पदक भारत की कंपाउंड तीरंदाजी में बढ़ती ताकत को दर्शाता है और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में इस स्पर्धा के डेब्यू से पहले भारत की उम्मीदों को बल देता है। ग्वांगजू में 74 देशों के 500 तीरंदाजों के बीच भारत ने पहले दिन एक स्वर्ण और एक रजत पदक के साथ शानदार शुरुआत की है। प्रतियोगिता 11 सितंबर तक चलेगी, और भारत से और पदकों की उम्मीद है।

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