उत्तराखंड में आपदा: केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम 8 सितंबर को करेगी प्रभावित जिलों का दौरा, ₹5702.15 करोड़ की सहायता का अनुरोध
उत्तराखंड में आपदा: केंद्र की अंतर-मंत्रालयी टीम 8 सितंबर को करेगी प्रभावित जिलों का दौरा, ₹5702.15 करोड़ की सहायता का अनुरोध
देहरादून: उत्तराखंड में इस साल मानसून के दौरान भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से हुई व्यापक तबाही के आकलन के लिए केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) 8 सितंबर 2025 को राज्य के दौरे पर आ रही है। आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि यह सात सदस्यीय टीम उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी, बागेश्वर और नैनीताल जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों का स्थल निरीक्षण करेगी। दौरे का उद्देश्य नुकसान का वास्तविक आकलन कर विशेष सहायता राशि तय करना और पुनर्निर्माण कार्यों को गति देना है।
सुमन ने नई दिल्ली से लौटने के बाद देहरादून में यूएसडीएमए के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में पत्रकारों को बताया कि इस वर्ष राज्य में 574 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो पिछले कई वर्षों में सर्वाधिक है। इसने सड़कों, पुलों, भवनों और अन्य अवसंरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। केंद्र सरकार से ₹5702.15 करोड़ की विशेष सहायता का अनुरोध किया गया है, जिसमें ₹1944.15 करोड़ क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों के पुनर्निर्माण और ₹3758 करोड़ जोखिमग्रस्त संरचनाओं को स्थिर करने के लिए हैं।
टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव आर. प्रसना करेंगे, और इसमें उप निदेशक महेश कुमार, अधीक्षण अभियंता सुधीर कुमार, उप निदेशक विकास सचान, मुख्य अभियंता पंकज सिंह और निदेशक डॉ. वीरेन्द्र सिंह शामिल हैं। यह टीम दो हिस्सों में बंटकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी और पोस्ट डिजास्टर नीड्स एसेसमेंट (PDNA) के लिए डेटा एकत्र करेगी। सुमन ने बताया कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के विभागाध्यक्ष राजेंद्र सिंह और सचिव मनीष भारद्वाज ने हरसंभव आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया है।
सचिव ने कहा कि आपदा ने कई लोगों की आजीविका को प्रभावित किया है, जिसके लिए अलग से सहायता प्रस्ताव भेजा जाएगा। दौरे के लिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम तैयार किया गया है ताकि नुकसान की गंभीरता का सटीक आकलन हो सके। इससे पहले, मुख्य सचिव ने सभी विभागों को 25 अगस्त तक नुकसान की रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए थे। प्रभावित क्षेत्रों में धराली, स्यानाचट्टी और थराली में भारी तबाही हुई, जहां सड़कें, घर और वाहन मलबे में दब गए।
केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 24 राज्यों को SDRF से ₹10,498.80 करोड़ और 12 राज्यों को NDRF से ₹1,988.91 करोड़ जारी किए हैं। गृह मंत्रालय प्रभावित राज्यों के साथ लगातार संपर्क में है और NDRF, सेना और वायुसेना के जरिए राहत कार्यों में सहयोग कर रहा है।
इस दौरे से उत्तराखंड को तत्काल राहत और दीर्घकालिक पुनर्निर्माण के लिए मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।
